राष्ट्रगान के दौरान नहीं खड़े होने पर तीन गिरफ़्तार

  • 11 जनवरी 2017
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चेन्नई इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल में राष्ट्रगान बजाए जाने के दौरान खड़े नहीं होने के कारण तीन लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया. इनमें एक छात्रा और उसकी माँ भी शामिल हैं.

ये घटना शहर के एक मॉल में स्थित थिएटर में हुई जहाँ क़ानून की छात्रा श्रीला, उनकी माँ और केरल से आए बिजॉन के विनोद एक बुल्गारियाई फ़िल्म "ग्लोरी" देखने गए थे.

श्रीला पिछले महीने सिनेमाघरों मे राष्ट्रगान बजाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विरोध करनेवालों में शामिल थीं.

उन्होंने कहा,"आपत्ति कर रहे लोग मुझसे और मेरी माँ से विनम्रता से आग्रह कर रहे थे मगर विनोद के साथ उन्होंने हाथापाई की."

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श्रीला और विनोद के अनुसार मामला तब शुरू हुआ जब कुछ दर्शकों ने उनके नहीं खड़े होने पर आपत्ति की जिसके बाद कुछ फ़िल्म फ़ेस्टिवल आयोजक आए और उनसे बाहर चले जाने के लिए कहा.

उन्होंने कहा,"कुछ देर बाद तीन पुलिसकर्मी आए और हम तीनों को थाने ले गए. लेकिन उन्होंने हमें जाने दिया क्योंकि उन्होंने जिस धारा के तहत केस रजिस्टर किया था उसमें हमें तभी गिरफ़्तार किया जा सकता था जब हम दूसरे लोगों को खड़े होने से रोकते."

श्रीला ने कहा,"मैं सिद्धांत के तौर पर खड़ी नहीं हुई क्योंकि राष्ट्रगान से राष्ट्रीयता नहीं जागती. मुझे सुप्रीम कोर्ट का आदेश एक क्रूर आदेश लगता है."

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विनोद ने भी कुछ लोगों के ख़िलाफ़ हमला करने की शिकायत दर्ज़ कराई है जिन्होंने उसका आइडेंटिटी कार्ड छीनने की कोशिश की और उनके साथ "हाथापाई" की.

फ़िल्म फ़ेस्टिवल के निदेशक ई थंगराज ने कहा कि तीनों लोगों को पुलिस थाने थिएटर के लोग लेकर गए ना कि आयोजक. उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि दर्शकों के दो गुटों के बीच गरमा-गरमी हुई थी.

राष्ट्रगान के मुद्दे पर पिछले सप्ताह केरल में भी हंगामा हुआ था जब प्रदेश के बीजेपी महासचिव ए एन राधाकृष्णन ने केरल प्रदेश फ़िल्म एकेडमी के अध्यक्ष कमल को देश छोड़कर चले जाने के लिए कहा.

पिछले महीने केरल के अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह के दौरान कमल ने राष्ट्रगान के दौरान कुछ लोगों के नहीं खड़े होने पर उन्हें गिरफ़्तार करने आई पुलिस को थिएटर में जाने से रोका था.

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