किसने दीं चांदी की शहनाइयां बिस्मिल्लाह खां को?

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बिस्मिल्लाह खां की शहनाइयों के चोरी होने के मामले में पुलिस ने उनके पोते नज़र-ए-आलम उर्फ़ शादाब सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

इस मामले पर वाराणसी की स्पेशल टास्क फोर्स का दावा है कि उसने तीन चांदी की और एक लकड़ी की शहनाई पर लगी चांदी के पत्तर को गलाने के बाद एक किलो चांदी भी बरामद की है.

वाह उस्ताद वाह...

जिसके लिए संगीत, सुर और नमाज़ एक थे

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उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के घर से बेशकीमती पांच शहनाइयां चार दिसंबर को चोरी हुई थी जिसमें से चार चांदी की थीं.

इस चोरी की घटना के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया था.

बिस्मिल्लाह खां के एक दूसरे पोते अफ़ाक ने बीबीसी को इन पांच शहनाइयों के बारे में बताते हुए कहा कि एक शहनाई पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव, एक पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल, एक राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और अन्य दो उनके शिष्य शैलेष भागवत और एक आधी चांदी से जड़ी शहनाई खां साहब के उस्ताद और मामा अली बक्श साहब ने उपहार में दी थी.

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वाराणसी एसटीएफ के डिप्टी एसपी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बीबीसी को बताया कि शहनाइयों की चोरी का मुक़दमा ख़ुद शादाब के पिता यानि बिस्मिल्लाह खाँ के लड़के काज़िम हुसैन ने पांच दिसंबर को चौक थाने में लिखवाया था.

ये शहनाइयां उन्हीं के घर से चार दिसंबर को चोरी हुई थी.

ज्ञानेंद्र नाथ का कहना था कि साबूत चार शहनाइयों की जगह गली हुई एक किलो चांदी और एक शहनाई के लकड़ी का हिस्सा मिला है क्योंकि शादाब ने शहनाइयां सर्राफ़ा कारोबारियों पिता-पुत्र शंकर लाल सेठ और सुजीत कुमार को बेच दी थी.

उन्होंने कहा कि शादाब ने पूछताछ के दौरान बताया कि कुछ लोगों से उसने पैसै उधार ले रखे थे जिसे चुकाने के लिए ही उसने ये चोरी की थी.

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