टाटा समूह के पहले ग़ैर पारसी चेयरमैन चंद्रशेखरन

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Image caption उन्होंने मैराथन का शौक है और उन्होंने इसपर एक किताब भी लिखी है.

टाटा समूह ने एन चंद्रशेखरन को गुरुवार को नया कंपनी प्रमुख बनाये जाने की घोषणा की है.

कंपनी ने एक बयान में कहा, 'ये फ़ैसला गुरुवार को हुई बोर्ड मीटिंग में सर्वसम्मति से लिया गया है.'

चंद्रशेखरन बने टाटा के नए चेयरमैन

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ 103 अरब डालर नेटवर्थ वाली कंपनी में नया पदभार 21 फ़रवरी से संभालेंगे. जानें उनके बारे में 10 दिलचस्प बातें:

  • रतन टाटा के क़रीबी माने जानेवाले एन चंद्रशेखरन का पूरा नाम नटराजन चंद्रशेखरन है.
  • वो डेढ़ सौ साल पुरानी कंपनी के पहले ग़ैर पारसी चेयरमैन हैं.
  • वो लंबी दौड़ के शौकीन हैं. उन्होंने 'रनर्स वर्ल्ड' नाम की एक किताब भी लिखी है.
  • टाईम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़ उनकी प्राथमिक शिक्षा तमिल मीडियम स्कूल में हुई. और वो अपने दो भाईयों के साथ मोहनूर नाम के गांव में अपने स्कूल पैदल जाया करते थे. ये नमक्कल ज़िले में है.
  • उन्होंने कोयंबटूर के इंस्टीच्यूट ऑफ़ टेक्नॉलाजी से स्नातक और त्रिची इंजीनयरिंग कालेज से पोस्ट ग्रैजुएट की पढ़ाई की है.
  • वो तीन भाईयों में सबसे छोटे हैं और उनकी तीन बहने हैं. उनके क़रीबी उन्हें चंद्रा बुलाते हैं.
  • उन्होंने टाटा की साफ्यवेयर कंपनी टीसीएस 30 साल पहले - 1987 में ज्वायन किया था. उनके बड़े भाई एन श्रीनिवासन का, जो मुरुगप्पा समूह नाम की कंपनी में काम करते हैं; कहना है कि वो काम पर सात बजे सुबह ही निकल जाते थे और आधी रात गये वापस आते थे.
  • अब टीसीएस में उनका कार्यभार राजेश गोपीनाथ करेंगे.
  • उन्होंने बाज़ाफ्ता एक शिक्षक से वेद की शिक्षा ली है.
  • उनके पिता एन नटराजन वकील थे लेकिन बाद में वो खेती के काम में लग गए.
  • उनके बारे में कहा जाता है कि वो आगे बढ़कर नेतृत्व करने में यक़ीन रखते हैं.

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