दो बच्चों वाली 'लेडी डकैत' का खौफ़

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Image caption पुलिस के कब्जे में गैंग के लोग

कर्नाटक के दक्षिणी जिले मांड्या और मैसूर में जब पुलिस डकैती का एक मामला सुलझाने में लगी थी, तब उनके निशाने पर दो बच्चों वाली 34 साल की मां नहीं थी. लेकिन जब हक़ीकत का पता चला तो प्रशासन के होश उड़ गए.

पिछले हफ़्ते मैसूर पुलिस को पता चला कि एक महिला डकैतों का एक गैंग चलाती है, जिसमें 10 सदस्य हैं. पुलिस ने गैंग की सरगना भाग्या को गिरफ़्तार कर लिया है.

भाग्या पर ग़ैरलाइसेंसी हथियार रखने का महज एक मामला है. उन पर हमले से जुड़ा एक अन्य मामला भी है.

उनके गैंग में सारे युवक हैं जिनकी उम्र 20 से 27 साल के बीच है. ये सभी उनके फरमान पर काम करते हैं. उनके फरमान की कोई उपेक्षा नहीं कर सकता.

गैंग रियल एस्टेट से जुड़े विवाद और मकान मालिक और किराएदारों के बीच के झगड़े निपटाता है. कमिशन के तौर पर मोटी रकम के बदले यह गैंग लोन वसूली का भी काम करता है. लेकिन उनके ख़िलाफ़ पीड़ितों ने कोई शिकायत नहीं की थी.

मामला तब खुला जब 22 दिसंबर को एक कारोबारी एक गैंग के ख़िलाफ़ कोप्पालुरु के रिंग रोड पर 16.75 लाख रुपए की डकैती की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचा.

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Image caption गैंग की सरगना भाग्या

कारोबारी बीएच द्वार्केश ने पुलिस में शिकायत की है कि भाग्या गैंग ने उन्हें घर लौटते वक्त रास्ते में रोक कर हथियार से डराकर सारे पैसे लूट लिए. गैंग के लोग एक कार, एक ऑटोरिक्शा और दो मोरसाइकिल से आए थे.

इस गैंग को लेकर महिला पिछले 10 सालों से सक्रिय है पर किसी ने पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटाई. एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर बीबीसी हिन्दी को यह बात बताई.

बाहरी रिंग रोड के वाकये के दो हफ़्ते बाद पुलिस ने भाग्या और गैंग के कुछ अन्य सदस्यों को गिरफ़्तार कर लिया. ये सभी केरल से मैसूर वापस आ रहे थे. पुलिस ने उनके पास से 3.5 लाख रुपए, दो इनोवा कार, दो ख़ंजर और एक दर्जन फ़ोन बरामद किए हैं.

एक पुलिस ऑफिसर ने कहा कि इस मामले की जांच इस एंगल से भी की जा रही है कि क्या भाग्या ने नोटबंदी को लेकर कारोबारी द्वार्केश को पुराने नोट बदलने का लालच तो नहीं दिया था.

मैसूर की भाग्या ने हाई स्कूल छोड़ने के बाद ही अपराध की दुनिया में क़दम रख दिया था. भाग्या मांड्या के जाड़ेजा रवि गैंग से भी जुड़ी थीं. रवि उनकी मां के पास आया करते थे.

रवि की कुछ साल पहले मौत हो गई थी जिसके बाद भाग्या कथित तौर पर मैसूर से मांड्या आ गईं. रवि के बाद भाग्या ने ही गैंग को संभाला.

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