नोटबंदी का पूरा हिसाब क्यों नहीं देते मोदी: मायावती

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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने रविवार को अपने जन्मदिन पर लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और भारतीय जनता पार्टी, ख़ासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला.

उन्होंने कहा, "मेरा जन्मदिन दूसरों की तरह शाही अंदाज में नहीं मनाया जाता."

उन्होंने ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव उनकी पार्टी अपने दम पर लड़ेगी.

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1- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नोटबंदी का हिसाब देना चाहिए. उन्हें बताना चाहिए कि नोटबंदी से कितना कालाधन मिला, कितने जाली नोट मिले, कितना भ्रष्टाचार कम हुआ और उन्होंने कितने भ्रष्ट लोगों को पकड़ा?

2- नोटबंदी का फ़ैसला राजनीतिक स्वार्थ के तहत लिया गया है. अब तो जनता मोदी के हर भाषण पर सहम जाती है. लोगों को लगता है कि पता नहीं अब क्या मुसीबत आने वाली है.

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3- बीजेपी ख़ासकर नरेंद्र मोदी जब भी और जहाँ भी मौका मिले खुद को बाबा साहेब अंबेडकर के करीब दिखाने की कोशिश करते हैं.

4- केंद्र सरकार मेरे परिवार और रिश्तेदारों के पीछे पड़ी है. इसके पीछे की वजह उत्तर प्रदेश में चुनाव हैं. अगर मेरे परिवार और रिश्तेदारों ने कुछ ग़लत किया है तो केंद्र सरकार इतने समय तक चुप क्यों बैठी रही.

5- मोदी सरकार ने नोटबंदी से 90 फ़ीसद लोगों को कंगाल बना दिया है. उत्तर प्रदेश में चुनाव में भाजपा को नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए.

6- सिर्फ़ दलितों पर होने वाले अत्याचारों की निंदा करने से कुछ नहीं होगा. हम संवैधानिक समानता की गारंटी की मांग करते हैं.

7- मोदी सरकार को केंद्र में सत्ता में आए ढाई साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन उन्होंने एक चौथाई वादे भी पूरे नहीं किए, भाजपा के ख़िलाफ जनता में गुस्सा है.

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