अखिलेश को मिली साइकिल और मुलायम को निराशा

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चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी में पिछले कुछ दिन से जारी घमासान का पटाक्षेप कर दिया है.

पार्टी और साइकिल चुनाव चिन्ह पर पिता मुलायम सिंह यादव का अधिकार है या बेटे अखिलेश यादव का - इसे लेकर पिछले कई दिनों से खींच-तान चल रही थी.

मामला चुनाव आयोग में पहुंचा. दोनों पक्षों ने अपने-अपने समर्थकों की चिट्ठी चुनाव आयोग को सौंपी. अब चुनाव आयोग ने फ़ैसला सुना दिया है कि चुनाव चिन्ह और पार्टी पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का अधिकार है.

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ख़बर आने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि चुनाव आयोग का फ़ैसला ठीक और न्यायसंगत है.

उन्होंने उत्तर प्रदेश की जनता से अपील की है कि वो अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री चुनने के लिए वोट करें.

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी चुनाव में जुट जाने की अपील की.

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Image caption अखिलेश यादव के घर के सामने जश्न का माहौल

कुछ दिन पहले अखिलेश यादव ने पार्टी का अधिवेशन बुलाकर खुद को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया था.

उसके बाद मुलायम सिंह ने कहा था कि पार्टी का अधिवेशन बुलाने का अधिकार केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष यानी उन्हें है और उन्होंने अधिवेशन को ही गैर-कानूनी करार दिया था.

तेज़ी से बदले घटनाक्रम में आज़म ख़ान ने पिता-पुत्र में सुलह की कोशिशें भी की, लेकिन कामयाबी हाथ नहीं लगी.

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चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलों की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था.

सोमवार शाम आयोग ने ये फैसला सुना दिया कि समाजवादी पार्टी और उसके चुनाव चिन्ह के हकदार अखिलेश यादव हैं.

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