चुनाव के समय राम लला को नहीं भूलती भाजपा

बाबरी मस्जिद-राम जन्म भूमि का मुद्दा संघ परिवार और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के लिए शुरू से ही राजनीतिक मुद्दा रहा.

जहां तक बात बीजेपी की है तो राजनीतिक रूप से उसे यहां तक पहुंचाने में इस मुद्दे का ख़ासा योगदान रहा है, इसे कोई नकार भी नहीं सकता.

लेकिन बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद जब बात राम मंदिर के निर्माण की शुरू हुई तो शायद बीजेपी अपने मतदाताओं के विश्वास पर खरी नहीं उतरी. जानकारों का कहना है कि पार्टी उत्तर प्रदेश से एक तरह से ग़ायब ही इसीलिए हुई क्योंकि उसने इस मुद्दे को ताख पर रख दिया.

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यही वजह है कि पार्टी के कई नेता अक़्सर राम मंदिर निर्माण के बारे में कुछ न कुछ बोलते रहते हैं और पार्टी में आला स्तर पर यह सफाई दे दी जाती है कि ये हमारा चुनावी मुद्दा नहीं है.

1991 में उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह के नेतृत्व में जब बीजेपी की पहली बार सरकार बनी तब कल्याण सिंह अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ अयोध्या में ये शपथ लेकर आए थे कि वो उसी जगह राम मंदिर बनवाएंगे जहां राम पैदा हुए थे.

बाबरी मस्जिद गिराए जाने के समय लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, विनय कटियार समेत पार्टी के तमाम बड़े नेता थे जो बाबरी विध्वंस और राम मंदिर निर्माण के लिए उस वक़्त अपील कर रहे थे.

लॉलीपॉप से कुछ नहीं होने वाला: विनय कटियार

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हालांकि बाबरी विध्वंस के बाद यह मामला थोड़ा ठंडे बस्ते में चला गया लेकिन आए दिन बीजेपी के नेता इसे किसी न किसी तरह से उठाते रहते हैं.

इसी 24 जनवरी को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने विधान सभा चुनाव में पूर्ण बहुमत आने की स्थिति में राम मंदिर निर्माण के संकल्प को दोहराया. ये अलग बात है कि 24 घंटे के भीतर लखनऊ आकर मौर्य इस बयान से पलट गए.

'अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए तैयार रहें'

लोकसभा चुनाव जीतने और पूर्ण बहुमत पाने के बाद बीजेपी के कुछ कट्टर हिंदूवादी कहे जाने वाले नेता इस पर बयान देते रहे हैं.

9 दिसंबर, 2015

विनय कटियार राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं. राम मंदिर के निर्माण की बात दोहराते हुए उन्होंने मुसलमानों से अयोध्या पर अपना दावा छोड़ने और राम मंदिर निर्माण में सहयोग करने को कहा. यही नहीं, उन्होंने मथुरा में ईदगाह और वाराणसी में ज्ञानवापी से भी मुसलमानों से अपना दावा छोड़ने की अपील कर डाली.

30 दिसंबर 2015

केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने एक कार्यक्रम में कहा कि देश के लोगों की इच्छा है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बने. हालांकि आगे उन्होंने ये भी कहा कि फिलहाल ये मामला अदालत में है इसलिए सरकार इसमें ज़्यादा कुछ नहीं कर सकती.

5 जनवरी, 2016

बीजेपी सांसद साक्षी महाराज यूं तो अक़्सर ऐसे बयान देते हैं जो विवादित हो जाते हैं, लेकिन राम मंदिर के बारे में उन्होंने एक साल के भीतर दो अलग- अलग बयान दे डाले.

राम मंदिर पर चुनावी 'सियासत के दांव'

5 जनवरी 2016 को उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताक़त अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को नहीं रोक सकती है, लेकिन एक साल बाद यानी 7 जनवरी 2017 को उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि राम मंदिर कभी भी बीजेपी का मुद्दा नहीं रहा है. यही नहीं, उन्होंने ये तक कह दिया कि बाबरी मस्जिद गिराने का काम कांग्रेस सरकार और उसके प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहराव ने किया.

21 फरवरी, 2016

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बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि रामभक्त ही नहीं रहेंगे तो क्या बनेगा राम मंदिर? इसी कार्यक्रम में उन्होंने ये भी सवाल किया कि राम मंदिर भारत में नहीं तो क्या पाकिस्तान में बनेगा?

21 अप्रैल, 2016

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने वाराणसी में कहा कि राम मंदिर निर्माण का मुद्दा भाजपा के लिए हमेशा से नंबर एक पर रहा है. उनका कहना था कि इस मुद्दे को छोड़ने का सवाल ही नहीं है.

25 मई, 2016

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि राम मंदिर हमारे एजेंडे में है और हम राम मंदिर का निर्माण सर्वसम्मति से या फिर अदालत के आदेश से करने के पक्षधर हैं.

27 मई, 2016

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केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह का कहना था कि राम मंदिर कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि सांस्कृतिक मुद्दा है. फिलहाल यह न्यायालय में विचाराधीन भी है. उन्होंने ये भी कहा कि हम इसे उत्तर प्रदेश में चुनावी मुद्दा नहीं बनाएंगे, बल्कि वहां विकास को मुद्दा बनाएंगे.

जून 2016

गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ ने एक साक्षात्कार में कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर जरूर बनेगा और किसी में दम नहीं है कि वहां पर राम मंदिर बनने से रोक सके. योगी आदित्यनाथ का कहना था कि जब बाबरी मस्जिद को गिरने से कोई नहीं रोक पाया तो राम मंदिर बनने से भला कौन रोक सकता है?

भाजपा के पास न चेहरा न मुद्दा, लक्ष्य 256

2 जुलाई, 2016

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उत्तर प्रदेश में बीजेपी के प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा था कि अगर संत समुदाय मंदिर निर्माण करना चाहता है तो बीजेपी उनके साथ है. यही नहीं बस्ती ज़िले में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ये भी कहा था कि बीजेपी ही नहीं बल्कि पूरा देश चाहता है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बने.

19 अक्टूबर, 2016

बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी घोषणापत्र में राम मंदिर के निर्माण की बात कही गई थी, हम इससे भाग नहीं सकते हैं. हमें यह वादा पूरा करना होगा. स्वामी से ठीक पहले विनय कटियार ने भी अपनी ही सरकार पर तंज कसा था और कहा था कि रामजन्म भूमि आंदोलन के लिए जान देने वालों के परिजन पूछते हैं कि राम मंदिर कब बनेगा?

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