कश्मीर में हिमस्खलन, 10 भारतीय सैनिकों की मौत

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भारत प्रशासित कश्मीर में पाकिस्तान की सीमा से सटे इलाक़े में हुए हिमस्खलन से 10 भारतीय सैनिकों की मौत हो गई है.

श्रीनगर से क़रीब 200 किलोमीटर दूर गुरेज़ इलाके में सेना के दो शिविर हिमस्खलन की चपेट में आ गए. हिमस्खलन के बाद से ही कई सैनिक लापता हैं.

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घटना के तुरंत बाद सेना ने राहत और बचाव का काम दिया.

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श्रीनगर में सेना के प्रवक्ता ईएसएस एन कालिया ने बीबीसी को बताया "जहां हिमस्खलन हुआ है, वहां मौसम बेहद ख़राब है. लगातार बर्फ़बारी की वजह से बचाव कार्य में दिक़्क़तें आ रही हैं. लेकिन हमारी टीम मुस्तैदी से लापता जवानों की तलाश कर रही है."

बचाव दल ने एक मेजर और छह जवानों को ज़िंदा बचाया है.

बुधवार को गुरेज़ और सोनमर्ग में हिमस्खलन की दो अलग अलग घटनाओं में सेना के एक अफ़सर और चार आम नागरिकों की मौत हो गई थी.

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बीते कुछ सालों में जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में हिमस्खलन से कई नागरिकों और कई सैनिकों की मौत हो चुकी है.

जानकारों का कहना है कि हिमस्खलन का ख़तरा तब और बढ़ जाता है जब ऐसी जगहों पर मकान या शिविर बनाए जाते हैं.

आपदा प्रबंधन के अधिकारी आमिर अली ने बीबीसी से कहा, "पहले इस बात की निशानदेही करनी होगी कि हिमस्खलन का ख़तरा ज़्यादा कहाँ है. हिमस्खलन के रास्ते में मकान हो तो ख़तरा बढ़ जाता है. गुरेज़ या तंगधार में ऐसी ढलानों पर मकान बने हैं, जहां हिमस्खलन का बड़ा ख़तरा रहता है. सेना के जवान जहां तैनात हों, वहां समय से पहले ही एहतियात के तौर पर हिमस्खलन की आशंका का पता लगाया जा सकता है, ताकि कोई नुक़सान न हो. "

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कश्मीर घाटी में बीते चार दिनों से लगातार बर्फ़बारी हो रही है. मौसम विभाग ने 26 जनवरी तक कश्मीर में बर्फ़बारी जारी रहने की आशंका जताई है.

प्रशासन ने कश्मीर के कई इलाकों के लिए हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है.

पुलिस और प्रशासन ने पिछले तीन दिनों सैकड़ों लोगों को ऐसे इलाक़ों से सुरक्षित निकाला है, जहां भारी बर्फ़बारी हो रही है.

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