राहुल-अखिलेश की जुगलबंदी: 'यूपी को साथ पसंद है'

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए रविवार को लखनऊ में राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया.

सियासी हलकों में इस पीसी को राजनीतिक एकता के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है. संवाददाताओं से बातचीत के बाद दोनों नेता रोड शो में भी साथ भाग लेंगे.

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क्या बोले राहुल

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उत्तर प्रदेश शब्द में पहला शब्द उत्तर है. ये जो हमारी पार्टनरशिप बनी है, अखिलेश और मेरी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की, यह एक जवाब है.

ये एक तरह से गंगा और यमुना का मिलन आ रहा है. प्रोग्रेस की सरस्वती इससे निकलेगी.

आज हमारे सामने क्रोध की राजनीति, गुस्से की राजनीति है. यूपी इसका जवाब देने जा रहा है.

मैंने पहले भी कहा था कि अखिलेश और मेरी पर्सनल रिलेसनशिप है. इस गठबंधन के बाद हमारे राजनीतिक रिश्ते बेहतर हुए हैं.

मोदी जी के शब्दों में कहें तो ये तीन पी हैं- प्रोग्रेस, प्रॉसपैरिटी (समृद्धि) और पीस (शांति).

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अखिलेश के बोल

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लोकसभा में साथ-साथ रहे. हम एक दूसरे को जानते हैं, खुशी की बात है कि अब हम साथ मिलकर काम करना है.

हम दो पहिए हैं या उमर में भी ज्यादा फासला नहीं है. विकास का भी पहिया है और खुशहाली का भी.

यह गठबंधन उन लोगों को जवाब देगा जिन्होंने पूरे देश को नोटबंदी के नाम पर कतार में खड़ा कर दिया.

साइकल के साथ हाथ हो और हाथ के पास साइकिल हो तो सोचिए कि कितनी तेजी से चीजें आगे बढ़ेंगी.

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