ट्रंप के बैन से किसका चैन गया, किसकी उड़ी नींद

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जब से राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों के अमरीका आने पर पाबंदी लगाई है उसके बाद से विरोध भी बढे हैं और निंदा करने वालों की संख्या भी.

आलोचक जिसे 'मुस्लिम बैन' बता रहे हैं, उसे ट्रंप समर्थक 'अमरीका को दोबारा महान बनाने' वाले चुनावी वादे का पूरा होना देख रहे हैं.

हाल ही में राष्ट्रपाति बने ट्रंप के इस कार्यकारी आदेश का मतलब क्या है और कौन-कौन इससे प्रभावित हो सकता है?

क्या हुआ है?

  • अमरीका में शरणार्थियों को शरण देने पर 120 दिनों की रोक.
  • सीरियाई शरणार्थियों पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध.
  • सात मुसलमान बहुल देशों- इराक़, सीरिया, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन से आने वाले लोगों पर 90 दिनों के लिए रोक. इस रोक में यूएन वीज़ा और राजनयिक वीज़ा शामिल नहीं.
  • 2017 में अधिकतम 50 हज़ार प्रवासी स्वीकार किए जाएंगे.
  • अपने देशों में दमन का सामना कर रहे धार्मिक अल्पसंख्यकों को वरीयता दी जाएगी. ट्रंप ने खास तौर पर सीरियाई ईसाइयों का ज़िक्र किया है.
  • कुछ विशेष मामलों में छूट दी जा सकती है.
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बैन से कौन प्रभावित होगा?

  • वो सभी सैलानी जिनके पास ईरान, इराक़, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन की संपूर्ण या दोहरी नागरिकता है.
  • इसमें वे सभी शामिल हैं जिनके पास ब्रिटेन या कनाडा जैसे देशों की दोहरी नागरिकता है.
  • हालांकि ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि 'सिर्फ उन्हीं दोहरे नागरिक की थोड़ी ज़्यादा सुरक्षा जांच होगी जो इन सात ब्लैकलिस्टेड देशों से यात्रा करेंगे'. बयान के अनुसार किसी भी दूसरे देश से अमरीका यात्रा करने वालों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उनके साथ 'राष्ट्रीयता या जन्म के स्थान के आधार पर' कोई भेदभाव नहीं होगा.
  • हालांकि स्कॉटलैंड में पढाई करने वाले- ईरान के पासपोर्ट पर यात्रा करने वाले- एक छात्र का कोस्टा रिका में छुट्टी पूरी होने के बाद अमरीकी ट्रांजिट वीज़ा ये बताकर रद्द कर दिया कि वो अब अमान्य है
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कार्यकारी आदेश पर हो क्या रहा है?

  • आदेश के बाद काफी अनिश्चितता का माहौल है.
  • आदेश के ख़िलाफ़ दायर किए गए एक मुक़दमे के बाद अमरिका के एक जज ने अमरीकी हवाई अड्डों पर फंसे हुए वीज़ा धारकों और शरणार्थियों के वापस भेजने पर अस्थायी रोक लगा दी है.
  • मुक़दमा दायर करने वाले समूह अमेरिकन सिविल लिबर्टीज़ यूनियन के मुताबिक़ हवाई अड्डों पर 100 से लेकर 200 तक लोगों को रोक कर रखा गया था. जबकि अमरीकी प्रशासन के अनुसार ये संख्या 109 थी.
  • दुनिया के कई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर अमरीका जाने वाली कई उड़ानों में 'प्रभावित' हुए यात्रियों को चढ़ने नहीं दिया गया है.
  • ऐसे तमाम दावों के बावजूद कि उन सात देशों से आए हुए ग्रीन कार्ड होल्डरों ( वे लोग जिनके पास अमरीका की नागरिकता है) पर असर नहीं पड़ेगा, अधिकारियों ने इस ओर इशारा किया है कि आदेश आने के समय अमरीका से बाहर मौजूद ऐसे लोगों के अमरीका आने पर उनकी विशेष जांच ज़रूर हो सकती है.
  • इस बात की भी आशंकाएं जताई जा रही है कि लगभग सभी देशों से अमरीका का वीज़ा आवेदन देने वालों को लंबा विलंब भी हो सकता है.
  • व्हाइट हाउज़ अधिकारी के मुताबिक़ इन सात देशों की यात्रा करने वाले अमरीकी नागरिकों को भी पूछताछ के लिए रोका जा सकता है.

क्या ये आदेश कानूनी है?

  • इस बात पर बहस जारी है कि इस आदेश के कौन-कौन से नियम अदालती प्रक्रिया में कितने सफल रहेंगे.
  • अमरीका के इतिहास में पहले भी कुछ खास देशों और क्षेत्रों से आने वालों पर प्रतिबंध लग चुका है.
  • लेकिन 1965 में अमरीकी संसद ने एक क़ानून पास किया था जिसके तहत, "जाति, लिंग, राष्ट्रीयता या जन्म के या गृह स्थल के आधार पर किसी भी आप्रवासी वीज़ा आवेदन के ख़िलाफ भेदभाव नहीं किया जाएगा".

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