उस बच्ची के शरीर पर उग रहा है पेड़

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चार महीने पहले जब 10 साल की शहाना खातून के चेहरे पर पेडों की छाल जैसा मस्सा उभरा तो उसके पिता ज़्यादा चिंतित नहीं हुए.

बांग्लादेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली शहाना के चेहरे पर जब ये मस्सा फैलने लगा तो उनके पिता को चिंता हुई और वो इलाज के लिए राजधानी ढाका आए.

अब डॉक्टर को डर है कि शहाना शायद पहली लड़की हो सकती है जो कथित "ट्री मैन सिंड्रोम" से प्रभावित है.

अगर डॉक्टरों की पड़ताल सही है तो वो दुनिया के उन गिने चुने लोगों में शामिल हो जाएगी जिनमें एपीडर्मोडीस्प्लासिया वेरूसीफॉर्मिस पाया जाता है.

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यह एक दुर्लभ जेनेटिक बीमारी है जिसमें पेड़ों की छाल जैसी संरचना इंसानों में उभरने लगती है ख़ासतौर से हाथ और पैर में.

दुनिया में मुट्ठीभर लोग ही अब तक इसके जद में आए हैं जिनमें सभी पुरुष हैं.

कुछ लोग तो इसकी वजह से बिल्कुल लाचार हो गए हैं. एक शख्स तो अपने बीवी बच्चों को छूने से भी लाचार हो गया है.

अबुल बाजंदार के दोनों हाथों में पेड़ों जैसे मस्से उभर आए हैं जिनका वजन पांच किलो तक पहुंच गया है. अब उनके पैर में भी इसी तरह के मस्से उभरने लगे हैं और वो किसी पेड़ जैसे नज़र आते हैं.

27 साल के बाजंदर पहले बांग्लादेशी हैं जिनमें यह बीमारी पाई गई. अब उनकी ढाका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 16 अलग सर्जरी होगी जिससे कि वो अपना हाथ फिर से इस्तेमाल कर सकें.

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डॉक्टरों ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया है कि जल्दी ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी.

उनका इलाज करने वाले डॉक्टर ही इस बात की जांच कर रहे है कि कहीं शहाना में भी त्वचा की वही बीमारी तो नहीं.

शहाना के पिता मोहम्मद शाहजहां को इस बात से थोड़ी तसल्ली मिली है.

उन्होंने एएफपी से कहा, "हम बहुत गरीब हैं. मेरी बेटी ने सिर्फ छह साल की उम्र में अपनी मां को खो दिया. मुझे सचमुच उम्मीद है कि डॉक्टर मेरी बेटी के सुंदर चेहरे से इन छालों को हटा देंगे"

डॉक्टरों को उम्मीद है कि शहना में शायद ये बीमारी उतनी ज़्यादा उग्र ना हो और वो जल्दी ठीक हो जाए.

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