प्रेस रिव्यू: जेटली जी ने हमारे मेनिफ़ेस्टो की नकल की है - अखिलेश यादव

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'हिंदुस्तान टाइम्स' ने पहले पन्ने पर पीएम नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली के चेहरों की तस्वीर के साथ 'सेफ बजट यानी सुरक्षित बजट- गांव देहात में और निर्माण कार्य में होने वाला खर्च बढ़ाया गया' शीर्षक के साथ ख़बर छापी है.

अख़बार के अनुसार काले धन पर रोक लगाने के लिए इसी साल अप्रैल से 3 लाख से अधिक के कैश के लेन-देन पर रोक लगा दी जाएगी.

कोई व्यक्ति या कंपनी यदि कैश में 3 लाख या इससे अधिक राशि का लेनदेन करते पकड़े गए तो उन्हें उतनी ही राशि का जुर्माना देना पड़ेगा.

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अख़बार में छपी एक अन्य ख़बर के अनुसार उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के नेता और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने समाजवादी पार्टी के चुनाव घोषणापत्र की नकल की है.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 24 घंटे बिजली देने, लड़कियों को मुफ्त शिक्षा और मुफ्त लैपटॉप बांटने की जो बात की है वो असल में सपा के मेनिफेस्टो में किए गए वायदे हैं.

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'इंडियन एक्सप्रेस' के पहले पन्ने पर छपी ख़बर का शीर्षक है- 'नो नॉनसेंस बजट' यानी 'बजट है मज़ाक नहीं'.

अख़बार के अनुसार सरकार ने राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में पारदर्शिता लाने के इरादे से किसी भी एक व्यक्ति या संस्था ने दो हजार रुपये से अधिक नकद चंदा लेने पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है.

2000 रुपये से अधिक का चंदा लेने के लिए चेक या फिर डिजिटल भुगतान की मदद लेनी होगी. अरुण जेटली ने बताया कि इसके बारे में चुनाव आयोग सिफ़ारिश की थी.

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'डेली पायोनियर' में छपी एक ख़बर के अनुसार जेटली के बजट से दिल्ली सरकार ख़ासी नाराज़ है. दिल्ली सरकार का कहना है कि बीते 17 सालों से केंद्रीय टैक्स में दिल्ली सरकार को मिलने वाली राशि बढ़ाई नहीं गई है.

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा है कि साल 2001-2002 से दिल्ली सरकार को बजट में मात्र 325 करोड़ रुपए ही मिल रहे हैं जबकि सरकार ने केंद्र से इसे बढ़ा कर 5000 करोड़ करने की गुज़ारिश की गई थी.

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'दैनिक जागरण' में छपी एक ख़बर के अनुसार 'अब गुलछर्रे नहीं उड़ा सकेंगे टैक्स चोर'.

अख़बार का कहना है कि सरकार ने टैक्स चोरी करने वाले लोगों के आय और व्यय के संबंधित आंकड़े जुटा लिए हैं. नोटबंदी के बाद बैंक खातों में जमा हुए पुराने नोटों के आंकड़ों ने इस मामले में आयकर विभाग के हाथ मज़बूत किए हैं.

अख़बार के अनुसार वित्त मंत्री ने कहा देश में संगठित क्षेत्र में 4.2 करोड़ लोग काम कर रहे हैं ,लेकिन मात्र 1.7 करोड़ लोग ही टैक्स देते हैं, वहीं असंगठित क्षेत्र में 5.6 करोड़ लोग काम कर रहे हैं, लेकिन टैक्स देने वाले मात्र 1.8 करोड़ ही हैं.

'जनसत्ता' में छपी एक ख़बर के अनुसार ऋण ना चुका पाने के बाद देश छोड़कर भाग जानेवाले लोगों से निपटने के लिए सरकार ने एक नया क़ानून बनाने का प्रस्ताव दिया है ताकि ऐसे लोगों की संपत्ति ज़ब्त की जा सके.

अरुण जेटली ने कहा है कि भगोड़ों से निपटने के लिए विधायी बदलाव किए जा सकते हैं और नया क़ानून लाया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि इस तरह भगोड़ों की संपत्ति ज़ब्त की जा सकती है जब तक वो खुद को क़ानून के हवाले ना कर दें या उचित कानूनी मंच पर ना हाज़िर हों.

ग़ौरतलब है कि किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या बैंकों का 9000 करोड़ रुपए का कर्ज़ा बिना चुकाए बीते साल देश छोड़ कर भाग गए थे.

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