एक करोड़ खाते हैं शक के दायरे में

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केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा है कि नोटबंदी के दौरान जितने पैसे बैंक खातों में जमा हुए हैं, उनमें से अधिकांश खातों में दो लाख या उससे अधिक रुपए जमा कराए गए हैं.

अधिया ने अंग्रेजी अख़बार 'इंडियन एक्सप्रेस' को दिए साक्षत्कार में यह बात बताई है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को टीवी पर प्रसारित राष्ट्र के नाम संदेश में पांच सौ और एक हजार रुपए के पुराने नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की थी.

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इसके बाद पांच सौ और दो हज़ार रुपए मूल्य के नए नोट चलन में आए थे.

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अधिया ने बताया कि जांच में ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें एक ही पैन नंबर का इस्तेमाल 20 बैंक खातों के लिए हुआ है.

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बंद किए गए नोट के रूप में जो पैसे बैंक खातों में जमा हुए हैं, उनमें से दो-तिहाई पैसा दो लाख से अधिक के रूप में जमा कराया गया है.

इस तरह से कुल 10.38 लाख करोड़ रुपए जमा कराए गए हैं.

अधिया ने बताया कि नोटबंदी के दौरान 5.48 लाख करोड़ रुपए कुल एक करोड़ नौ लाख बैंक खातों में जमा कराए गए.

इन बैंक खातों में दो से 80 लाख रुपए तक जमा कराए गए हैं.

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जिन खातों में 80 लाख से अधिक रुपए जमा कराए गए हैं, उनकी संख्या 1.48 लाख है. इस तरह से कुल 4.89 लाख करोड़ रुपए जमा कराए गए हैं.

राजस्व विभाग ने मंगलवार से शुरू हुए स्वच्छ धन अभियान के पहले चरण में 18 लाख संदिग्ध मामलों का पता लगाया है. यह अभियान अगले दो साल तक जारी रहेगा.

इन 18 लाख संदिग्धों को सरकार ने कोई नोटिस जारी नहीं किया है. लेकिन विभिन्न इलेक्ट्रानिक प्लेटफ़ार्म के जरिए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है.

इन 18 लाख लोगों ने नौ नवंबर से 30 दिसंबर के बीच पांच या पांच लाख रुपए से अधिक जमा कराए हैं. लेकिन इनकी आय और बैंक जमा में कोई संबंध नज़र नहीं आ रहा है.

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