उत्तराखंड: 'बाहुबली' सीएम से डर रही है भाजपा?

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उत्तराखंड चुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हरीश रावत का चेहरा आगे किया है.

उनके प्रचार के लिए सोशल मीडिया का ख़ूब सहारा लिया जा रहा है. लेकिन सबसे दिलचस्प है- वो वीडियो जिसमें हरीश रावत को 'बाहुबली' दिखाया गया है.

मशहूर फ़िल्म 'बाहुबली' के एक दृश्य से लिए गए इस वीडियो में किरदारों के चेहरे बदल दिए गए हैं. बाहुबली बने हरीश रावत अपने कंधों पर उत्तराखंड का नक्शा उठाए चल रहे हैं.

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'बाहुबली' के 'शौर्य' से चौंके हुए खड़े जो चेहरे दिखाए गए हैं, वे हैं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, प्रदेश बीजेपी प्रभारी श्याम जाजू और पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा.

'तांत्रिक' के भेस में आए किरदार के चेहरे पर मोदी का चेहरा लगा हुआ है.

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वीडियो वायरल

"कौन है वो कौन है..." गाने के साथ हरीश रावत उत्तराखंड का नक्शा उठाए जा रहे हैं और आखिर में उन्हें जिताने की अपील का टेक्स्ट स्क्रीन पर उभरता है.

ये वीडियो फ़ेसबुक, यू-ट्यूब और व्हॉट्सएप पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें उनके साथ इंदिरा हृदयेश का चेहरा भी लगाया गया है. यानी संदेश साफ़ है कि रावत और इंदिरा की जोड़ी पर कांग्रेस को जीत दिलाने का दारोमदार है.

मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है, "मैंने तो ये वीडियो लगाया नहीं है. सोशल मीडिया है. अब वहां कोई किसी को भला कंट्रोल कर सकता है? लोगों की भावनाएं हैं. कुछ को हममें बाहुबली दिखा होगा किसी को कुछ और दिखता होगा. मैं तो खुद को बाहुबली मानता नहीं, हाथ जोड़कर बस सेवक मानता हूं जनता का."

लेकिन इस वीडियो को लेकर बीजेपी ने आपत्ति जताई है. बीजेपी की चुनाव संपर्क कमेटी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी से शिकायत कर वीडियो पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है.

बीजेपी के मीडिया प्रभारी देवेंद्र भसीन कहते हैं, " इस बारे में चुनाव आयोग से लिखित शिकायत की गई है. दूसरी बात ये है कि कांग्रेस, निम्न स्तर को अडॉप्ट कर रही है. एक ऐसा कमजोर मुख्यमंत्री जिसे दो-दो जगहों से चुनाव लड़ना पड़ रहा हो और जो इतना सत्ता का लोलुप हो कि अपने मंत्रियों के भ्रष्टाचार पर आंखें मूंदे रखता हो अगर उसे लोग बाहुबली की संज्ञा दे रहे हैं तो ये अपने आप में एक बहुत बड़ा मजाक है."

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वीडियो किसने जारी किया है, स्पष्ट नहीं

इससे अनभिज्ञता जताते हुए मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार और प्रवक्ता सुरेंद्र कुमार कहते हैं, "बीजेपी के लोग क्यों परेशान होते हैं? चुनाव आयोग संज्ञान लेगा. वैसे भी हमारा बाहुबली तो इनके बाहुबली से कमज़ोर है! इतने बड़े बड़े बाहुबली हैं वहां! नोटबंदी के बाद कहां से 2000 करोड़ रुपए खर्च करने के लिए आ गए चुनाव में? विज्ञापनों में करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं. उनके आगे हम कहां?! हम तो बस जनता को बाहुबली मान कर चलते हैं."

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बहरहाल इस वीडियो का कितना फ़ायदा हरीश रावत या कांग्रेस को मिलेगा, इस बारे में तो स्पष्ट रूप से कांग्रेस नेता भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन आम लोग इसका ख़ूब मज़ा ले रहे हैं और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर इसे शेयर भी किया जा रहा है. सोशल मीडिया यूज़र ओमप्रकाश कहते हैं, " है तो मजेदार. एडिटिंग भी किसी ने बड़ी कमाल की है. लेकिन बाहुबली बूढ़े हो गए हैं."

सोशल मीडिया कैम्पेन की बात की जाए तो कांग्रेस और बीजेपी की मीडिया टीमों में होड़ जारी है. कांग्रेस ने एक वेबसाइट भी लॉन्च कर दी है. हरदाकोबोलो डॉट कॉम. यानी अपनी बात हर दा यानी हरीश भाई को बताइये.

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इस वेबसाइट को खोलने पर हरीश रावत ही जहां-तहां चित्रों में प्रकट होते हैं. एक फ़ॉर्म वहां दिया गया है जिसमे नाम पता संपर्क आदि भरकर अपनी समस्या भेजने को कहा गया है. एक व्हॉट्सएप नंबर भी दिया गया है जो तत्काल उन्हें अपनी बात कहने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

"क्योंकि उत्तराखंड हमारा है" नाम से एक फ़ेसबुक पेज में हरीश रावत के पक्ष में एक वीडियो डाला गया है जिसमें आम लोगों से बात की गई है.

बीजेपी के पास राज्य में फिलहाल कोई 'बाहुबली' नहीं हैं यानी मुख्यमंत्री के रूप में किसी को प्रोजेक्ट नहीं किया गया है. जो हैं सो मोदी हैं. बीजेपी की तमाम प्रचार सामग्री में मोदी ही मोदी छाए हुए हैं.

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"देवभूमि समाचार" नाम से विज्ञापनों की एक सीरिज़ भी चल रही है जिसमें रिपोर्टर, आम लोगों से बात करते और उनकी तकलीफ सुनते दिखाये गये हैं, आखिर में मोदी और अन्य चित्रों से भरी ग्राफिक प्लेट आती है जिसमें मोटे अक्षरों में लिखा गया है, "भाजपा के संग आओ बदलें उत्तराखंड."

पहाड़ी गीतों से प्रचार

बीजेपी के एक चुनावी विज्ञापन के वीडियो को पहाड़ी गीत की जागर शैली में फिल्माया गया है, बोल हिंदी में हैं. इसमें कांग्रेस सरकार की नाकामियों का ज़िक्र किया गया है.

इस गीत को गायकों की एक टोली घूमघूमकर गाती दिखती है लेकिन एक मजेदार बात ये है कि जिन पगडंडियों और लैंडस्केप्स में ये दृश्य फिल्माए गए हैं वे हरियाली और फसल से लकदक सौंदर्य भरे हैं. ऐसे में बीजेपी के इस वीडियो के कर्ताधर्ताओं को सोचना होगा कि ये विज्ञापन गीत में लगाए जा रहे आरोपों को अपने ही दृश्यों से काट भी रहा है.

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इस बीच मोबाइल फोन मीडिया पर चुनाव प्रचार के लिए बीजेपी ने निराला तरीका ढूंढा है. बीजेपी उत्तराखंड ऐप डाउनलोड करने से बीजेपी चुनाव प्रचार, प्रेस रिलीज़, समाचार और वीडियो डाउनलोड और शेयर किये जा सकते हैं. ये ऐप गूगल प्ले पर उपलब्ध है. शुक्रवार को आधिकारिक वॉट्सऐप से ये सूचना दी गई.

इन दिनों कई प्रत्याशी फेसबुक पर अपने पेज के ज़रिए सक्रिय हैं. इनमें बीजेपी और कांग्रेस के अलावा निर्दलीय नेता भी हैं. उत्तराखंड में 15 फरवरी को वोट पड़ेंगे और गिनती 11 मार्च को होगी.

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