बिहारः अंडरगार्मेंट्स से परीक्षा में नक़ल की कोशिश

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Image caption पुलिस के शिकंजे में फंसा गिरोह

रविवार को बिहार के नवादा जिले में नक़ल कराने के आरोप में 28 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. इन्हें वारसलीगंज थाना के मार्टिन मिशन एलेमेंटरी स्कूल के हॉस्टल से गिरफ़्तार किया गया.

ये सभी बिहार स्टेट स्टाफ सिलेक्शन कमिशन यानी बीएसएससी द्वारा आयोजित इंटर स्तरीय संयुक्त (प्रारंभिक) परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को ब्लू टूथ और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस के जरिए नक़ल करा रहे थे. पुलिस ने इनके पास से 35 मोबाइल, 20 सिम कार्ड, एक लैपटॉप और दो प्रिंटर भी बरामद किया है.

बिहार में होने वाली परीक्षाओं में नक़ल कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसे अंजाम देने वाले लोग तकनीक से इस कदर लैस होंगे किसी ने शायद ही सोचा होगा.

शनिवार को पटना पुलिस ने सरकारी नौकरी के लिए होने वाली परीक्षाओं में नक़ल करवाने की तैयारी कर रहे एक गिरोह का पर्दाफाश किया था.

इस गिरोह के तीन लोग पकड़े गए हैं. ये इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस के ज़रिए प्रतियोगी परीक्षाओं में नक़ल कराते थे.

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ये रविवार से होने जा रही बिहार एसएससी परीक्षा में नक़ल की तैयारी में थे. इससे जुड़ी गिरफ़्तारी पिछले हफ़्ते भी हुई थी.

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Image caption नक़ल कराने वाले भेजने वाले थे चड्ढी-बनियान

यह गिरोह मोबाइल फ़ोन, ब्लूटूथ डिवाइस, माइक्रो इयरफ़ोन जैसे उपकरणों के जरिए नक़ल कराने की तैयारी में था. पटना सिटी (मध्य) के एसपी चंदन कुमार कुशवाहा ने इन गिरफ़्तारियों की पुष्टि की है. उन्होंने इस गिरोह के काम करने के तरीकों के बारे में बीबीसी को विस्तार से बताया.

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उन्होंने कहा, ''यह गिरोह उम्मीदवार को बिना बटन वाला एक ख़ास तरह का मोबाइल फोन देता है जो एटीएम कार्ड जैसा दिखता था और इसे जूते में छिपाकर रखा जाना था. इस मोबाइल पर फोन कॉल ख़ुद-ब-ख़ुद रिसीव हो जाता. परीक्षार्थी को शर्ट के कॉलर, बनियान में लगे ब्लू टूथ डिवाइस और माइक्रो इयरफोन के जरिए इस फ़ोन से जोड़ा जाता और सवालों के जवाब बताए जाते.''

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Image caption पटना पुलिस ने किया गिरोह का पर्दाफाश

शनिवार को जो सामान बरामद हुए हैं उनमें नए कपड़े भी शामिल हैं. गिरोह शनिवार रात में परीक्षार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस लगा बनियान और दूसरे कपड़े देता.

इसे पहनकर वे परीक्षा केंद्र पर जाते. पुलिस के मुताबिक गिरोह के फ़र्जी उम्मीदवार ही प्रश्न-पत्र मिलने के कुछ देर बाद स्कैन या फोटो खींच कर उसे परीक्षा केंद्र के आसपास के कंट्रोल रूम पर भेजते.

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गिरोह की तैयारी थी कि कंट्रोल रूम पर मौजूद स्कॉलर (नकल करवानेवाले व्यक्ति) प्रश्न-पत्र का जवाब तैयार कर उम्मीदवार को मोबाइल के जरिए संपर्क करते. परीक्षार्थी ज़रूरत पड़ने पर स्कॉलर से सवाल भी कर सकते थे.

नक़ल कराने के बदले चार लाख रुपए लेने की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक़ यह गिरोह पैसे लेकर 150 छात्रों को नक़ल कराने की तैयारी में था.

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