ELECTION SPECIAL: चुनाव से पहले हथियार डाल चुकी है समाजवादी पार्टी: सतीश मिश्रा

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बहुजन समाज पार्टी के महासचिव सतीश मिश्रा का दावा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुक़ाबला एकतरफा है.

वो कहते हैं कि बहुजन समाज पार्टी रेस में काफी आगे निकल चुकी है. समाजवादी पार्टी- कांग्रेस गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी दूसरे और तीसरे नंबर के लिए लड़ रहे हैं.

सतीश मिश्रा को साल 2007 में बहुजन समाज पार्टी को सत्ता दिलाने वाली 'सोशल इंजीनियरिंग' का मास्टर माइंड कहा जाता रहा है. तब उन्हें ब्राह्मण-दलित गठजोड़ तैयार कर बीएसपी को अकेले दम पर सत्ता दिलाने का श्रेय दिया गया था.

इस बार के विधानसभा चुनाव के लिए वो कहते हैं कि अब बीएसपी को सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है.

सतीश मिश्रा ने बीबीसी से खास बातचीत में इसकी वजह गिनाईँ.

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस से गठबंधन के जरिए समाजवादी पार्टी ने 'चुनाव से पहले ही अस्त्र डाल दिए हैं'.

वो ये भी दावा करते हैं कि भारतीय जनता पार्टी को टिकट बांटने के बाद उपजे असंतोष को थामने में भी दिक्कत हो रही है. चुनाव जीतना उनके लिए दूर की बात है.

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समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच हुए गठबंधन को बहुजन समाज पार्टी के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है लेकिन सतीश मिश्रा इस दावे को सिरे से खारिज कर देते हैं.

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वो कहते हैं कि पूरे प्रदेश की जनता समझ चुकी है कि ये एक ही परिवार की पार्टी थी. उसमें भी झगड़ा हो गया. हर सीट पर चुनाव लड़ने जा रही समाजवादी पार्टी सिमट कर तीन सौ से कम सीट पर आ गई.

समाजवादी पार्टी परिवार के झगड़े पर तंज़ करते हुए सतीश मिश्रा कहते हैं, "आपस के झगड़े में साइकिल टूट चुकी है. चचा एक तरफ चले गए. भतीजे एक तरफ चले गए. पिताजी अलग कहीं चले गए. उन्होंने एक ऐसे आदमी का सहारा लिया जो खुद ही बेसहारा है उत्तर प्रदेश में. तो दोनों मिलकर क्या कर लेंगे. ये गठबंधन एक माखौल बनकर रह गया है."

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सतीश मिश्रा दावा कर रहे हैं कि समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन से बीएसपी को फायदा होगा. वहीं दूसरी तरफ गठबंधन के नेता अल्पसंख्यकों समुदाय को आगाह कर रहे हैं कि बीएसपी को अगर बहुमत नहीं मिला तो वो भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार बना सकती है.

सतीश मिश्रा ऐसे आरोपों पर पलटवार करते हुए कहते हैं कि समाजवादी पार्टी खुद ही भारतीय जनता पार्टी के दबाव में है.

वो कहते हैं, "वो इस कदर दबाव में है कि उन्होंने पार्टी को तोड़ दिया और नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की इच्छा के विरुद्ध जाकर गठबंधन कर लिया. जो पार्टी के पहले मुखिया थे मुलायम सिंह यादव, उन्होंने तीन बार ये बात कह दी कि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के मौजूदा लोग मुस्लिम विरोधी हैं."

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बीएसपी के विरोधी बार-बार याद दिला रहे हैं कि बहुजन समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से सरकार बना चुकी है, इसे लेकर सतीश मिश्रा कहते हैं कि आगे ऐसा नहीं होगा.

वो दावा करते हैं कि भारतीय जनता पार्टी जब भी बहुजन समाज पार्टी के साथ आई, उसे नुकसान उठाना पड़ा.

सतीश मिश्रा कहते हैं, "भारतीय जनता पार्टी पछतावा करती रहती है. वो कहती है कि हमने जब बहन मायावती जी का साथ लिया था तो पार्टी गर्त में पहुंच गई. उनके किसी दबाव में न आकर बहन मायावती ने अपनी नीतियों को आगे बढ़ाया. जब-जब बीएसपी की सरकार रही इनके सांसदों और विधायकों की संख्या घटी और जब समाजवादी पार्टी की सरकार आई वो चढ़कर ऊपर पहुंच गए. "

कुल 403 सीटों वाली उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सात चरणों मतदान होंगे. पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 15 ज़िलों में 11 फरवरी को वोट डाले जाएंगे. ये क्षेत्र बहुजन समाज पार्टी का गढ़ माना जाता है.

सतीश मिश्रा दावा करते हैं कि उत्तर प्रदेश में पहले ही नहीं दूसरे चरण में भी बीएसपी को एकतरफा वोट मिलेंगे.

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वो कहते हैं, " ये बिल्कुल साफ है कि नंबर दो की स्थिति में जो भी पार्टी है, वो अलग-अलग जगह पर बीएसपी से ही मुक़ाबला कर रही है."

इस दावे में कितना दम है, इस सवाल पर सतीश मिश्रा कहते हैं कि किसान हो या फिर मजदूर हर आदमी बीएसपी की तरफ देख रहा है. वो जानते हैं कि बहन मायावती एक अच्छी सरकार देंगी.

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