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Image caption पाकिस्तान अब अफ़गानिस्तान के नागरिकों को बिना वीज़ा के नहीं आने देगा

भारत और पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात की जाए तो पाकिस्तान में इस हफ़्ते अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से जुड़ी ख़बरें, चुनाव सुधार का फ़ैसला, पाकिस्तानी नौसेना का अभ्यास वग़ैरह सुर्ख़ियों में रहे.

भारत में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की ख़बरें सबसे ज़्यादा प्रमुखता से छपीं.

पहले बात पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों की

पाकिस्तानी सरकार ने चुनाव सुधार के लिए बनी संसदीय समिति की सिफ़ारिशों को मंज़ूरी दे दी है. अख़बार 'दुनिया' के अनुसार चुनाव सुधार के तहत चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वायत्त बनाने का फ़ैसला किया गया है.

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इसके अलावा हर राजनीतिक पार्टी को कम से कम पांच फ़ीसदी टिकट महिलाओं को देनी होगी और किसी भी सीट पर कम से कम 10 फ़ीसदी महिलाएं अगर अपना वोट डालेंगी तभी उस सीट पर चुनाव सही माना जाएगा.

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सात मुस्लिम देशों के अमरीका आने पर पाबंदी लगाने का फ़ैसला किया था, लेकिन अदालत ने उनके इस फ़ैसले को रद्द कर दिया. अपील कोर्ट ने भी सरकार के फ़ैसले को ग़लत ठहराया.

इस बारे में रोज़नामा 'जंग' लिखता है कि अब उन सात मुस्लिम देशों के नागरिक पहले की तरह अमरीका जा सकेंगे. अख़बार के मुताबिक़ अपील कोर्ट ने कहा कि ट्रंप सरकार ने अपने फ़ैसले को सही साबित करने के लिए पर्याप्त सुबूत देने के बजाए अदालत से सिर्फ़ ये अपील की है कि सरकार के फ़ैसले को अदालत रद्द न करे.

अख़बार के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप ने अदालती फ़ैसले को शर्मनाक क़रार देते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने का फ़ैसला किया है.

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Image caption ट्रंप को लेकर पाकिस्तानी मीडिया में सरगर्मी

पाकिस्तान में शनिवार से नौसेना अभ्यास शुरू हुआ, जिसमें अमरीका, रूस और चीन समेत कुल 37 देशों ने हिस्सा लिया. ये अभ्यास चार दिनों तक चलेगा. इस मौक़े पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान में हो रहे इस अभ्यास ने पश्चिमी और पूर्वी देशों की नौ सेना को एक प्लेटफ़ॉर्म पर लाकर खड़ा कर दिया है.

नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि समुद्री रास्तों में बढ़ते ख़तरे को देखते हुए ये ज़रूरी है कि कई देश सहयोग करें. पाकिस्तानी सरकार ने एक अहम फ़ैसले में अफ़ग़ानिस्तान से आने वाले लोगों के लिए वीज़ा के ज़रिए आने की शर्त लगा दी है.

रोज़नामा 'एक्सप्रेस' के मुताबिक़ नवाज़ शरीफ़ कैबिनेट ने फ़ैसला किया है कि अफ़ग़ानिस्तान के नागरिकों को पाकिस्तान में दाख़िल होने के लिए वीज़ा लेना होगा. अब तक उन्हें पाकिस्तान में आने के लिए केवल एक परमिट की ज़रूरत होती थी, लेकिन अब परमिट सिस्टम ख़त्म करने का फ़ैसला किया गया.

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Image caption भारतीय उर्दू प्रेसों में यूपी चुनाव की सुर्खियां

पाकिस्तान में रह रहे अफ़ग़ानिस्तान प्रवासियों की वापसी के लिए भी पॉलिसी को मंज़ूरी दे दी गई है और पाकिस्तानी संसद को इस मामले में एक क़ानून बनाने की ज़िम्मेदारी दी गई है.

रोज़नामा 'दुनिया' के अनुसार पाकिस्तानी सरकार ने भारत-पाक सीमा पर रह रहे लोगों को बेहतर सुरक्षा देने का फ़ैसला किया है. दोनों देशों की तरफ़ से होने वाली गोलीबारी के कारण सीमा के क़रीब रहने वाले लोगों की सम्पत्ति का भारी नुक़सान होता है और अक्सर लोगों की जान भी चली जाती है.

सरकार ने ऐसे लोगों की मदद करने का फ़ैसला किया है. सीमा के क़रीब पाकिस्तानी सरकार ने 50 नए बंकर बनाने का फ़ैसला किया है. इसके अलावा सीमापार गोलाबारी से मरने वालों को पांच लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को डेढ़ लाख रुपये मुआवज़ा देने का फ़ैसला किया गया है.

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Image caption भारत से सटी सीमा पर 50 नए बंकर लगाएगी पाकिस्तान सरकार

भारत से छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात की जाए तो सबसे ज़्यादा ख़बरें पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव से जुड़ी थीं. रोज़नामा राष्ट्रीय 'सहारा' ने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बयान को पहले पन्ने पर जगह दी है.

अख़बार ने सपा प्रमुख और यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बयान को पहली ख़बर बनाई है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि मोदी सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं.

बसपा प्रमुख मायावती के बयान के हवाले से अख़बार लिखता है कि बीजेपी केंद्र में पूरी तरह नाकाम रही है. वहीं केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के एक बयान को भी सहारा ने पहले पन्ने पर छापा है, जिसमें वो कह रहे हैं कि यूपी में बीजेपी सबसे मज़बूत दावेदार है.

रोज़नामा 'इंक़लाब' ने यूपी के शहर कैराना से जुड़ी एक ख़बर को पहली सुर्ख़ी बनाई है. अख़बार लिखता है, ''कैराना से हिंदुओं के पलायन का झूठ बेनक़ाब''

अख़बार के अनुसार यूपी सरकार के ज़रिए बनाई गई हिंदू संतों की एक कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कैराना से पलायन की असली वजह बेहतर अवसर और नौकरी की तलाश है.

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Image caption ट्रंप के ट्रैवेल बैन पर पाकिस्तानी मीडिया में रपट

कुछ दिनों पहले कैराना से बीजेपी के सांसद हुकुम सिंह ने आरोप लगाया था कि कथित मुस्लिम गुंडों की धमकी के कारण वहां रह रहे हिंदुओं को पलायन करना पड़ रहा है. उन्होंने ऐसे 300 से ज़्यादा हिंदू परिवारों की एक लिस्ट भी जारी की थी.

उसके बाद से अखिलेश सरकार ने हिंदू महासभा के प्रमुख स्वामी चक्रपाणी की अध्यक्षता में पांच संतों की एक जांच कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में साफ़ कहा है कि कैराना छोड़ कर जाने के लिए मुसलमान किसी भी तरह से ज़िम्मेदार नहीं हैं.

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने के लिए बीजेपी के सांसद हुकुम सिंह के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की सिफ़ारिश भी की है.

रोज़नामा 'जदीद ख़बर' ने तमिलनाडु की ख़बर को पहली सुर्ख़ी बनाई है. लेकिन पहले पन्ने पर उसने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के एक बयान को जगह दी है. अख़बार के मुताबिक़ राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा है कि मोदी को सुर्ख़ियों में रहे बग़ैर नींद नहीं आती.

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