बिक गया एम्बेसडर कार का ब्रांड

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Image caption 60 के दशक से 80 के दशक के मध्य तक एम्बेसडर भारत में स्टेटस सिम्बल रही

एक ज़माने में भारत में रुतबे और रसूख का पर्याय मानी जाने वाली एम्बेसडर कार का ब्रांड 80 करोड़ की मामूली कीमत पर बिक गया है.

अधिकारियों ने बताया कि हिंदुस्तान मोटर्स ने फ्रांसीसी कंपनी पूजो के साथ ये सौदा किया है.

एक वक्त था जब भारत में सरकारी लोगों की ये पसंदीदा कार हुआ करती थी, लेकिन 2014 के बाद से ही इसका उत्पादन बंद कर दिया गया.

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Image caption कई दशकों तक मंत्रियों से लेकर सरकारी अधिकारियों तक की ये पसंदीदा कार रही

हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि पूजो एम्बेसडर ब्रांड को फिर से लॉन्च करेगी या नहीं.

ब्रिटिश मॉरिस ऑक्सफोर्ड की तर्ज़ पर बनी एम्बेसडर कारें भारत में तीन दशकों तक बेस्ट सेलर रही हैं.

भारत में अपना बाजार बनाने में पूजो की लंबे समय से दिलचस्पी रही है.

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Image caption ऐम्बैसडार कारों को उनके उम्दा इंटीरियर स्पेस और सस्पेंशन सिस्टम के लिए याद किया जाता है

90 के दशक के मध्य में जब अर्थव्यवस्था का उदारीकरण किया जा रहा था, तभी पूजो भारत आई थी.

उदारीकरण के बाद भारत में दाखिल होने वाली शुरुआती विदेशी कंपनियों में उसका नाम लिया जाता है.

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