शशिकला या पनीरसेल्वम कौन होगा तमिलनाडु का सीएम?

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption ओ पनीरसेल्मवम और शशिकला

तमिलनाडु के राज्यपाल सी विद्यासागर राव, एआईएडीएमके की प्रमुख शशिकला और अंतरिम मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम में से किसे राज्य के मुख्यमंत्री पद के लिए चुनेंगे?

गुरुवार को दोनों नेताओं के मुख्यमंत्री पद के लिए अपने दावे पेश करने के बाद से राज्यपाल ने अब तक अपना रुख सामने नहीं रखा है.

ऐसे में संविधान क्या कहता है? ये जानने के लिए बीबीसी ने बात की भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी, और मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस के.चन्द्रू से तीन सवालों के जवाब मांगे.

अम्मा के निधन वाली रात शशिकला क्यों नहीं बनीं सीएम?

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption अपने समर्थकों के साथ शशिकला

क्या राज्यपाल शशिकला को शपथ दिलाने के लिए बाध्य हैं?

सोली सोराबजी - राज्यपाल ने शपथ दिलाने से मना नहीं किया है, महज़ मुल्तवी किया है. उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का इंतज़ार है.

अगर शशिकला दोषी पाई गईं तो वो छह साल तक चुनाव लड़ने या सरकारी पद संभालने से 'डिसक्वालिफाई' हो जाएंगी.

के. चन्द्रू - फ़ैसला लेने में एक-एक मिनट की देरी असंवैधानिक है. राष्ट्रपति शासन के अलावा राज्यपाल के पास कोई हक़ नहीं है कि वो बिना सरकार के राज्य पर शासन करे.

तमिलनाडु: शशिकला का खेल बिगाड़ सकते हैं पनीरसेल्वम?

अदालत का फ़ैसला तो किसी भी दिशा में जा सकता है. दो जज की बेंच में सहमति ना बने तो बड़ी बेंच को भी दिया जा सकता है. किसी फ़ैसले के इंतज़ार में सरकार का ना बनना कोई मतलब नहीं रखता.

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption अपने समर्थकों के साथ पनीरसेल्वम

क्या ओ पनीरसेल्वम को मौका दिया जाना चाहिए?

सोली सोराबजी - एक बार इस्तीफ़ा मंज़ूर हो जाए तो बाद में ये दावा करना कि वो दबाव में दिया गया था, के कोई मायने नहीं हैं.

ओ पनीरसेल्वम का ये दावा अजीब लगता है. राज्यपाल के इस्तीफ़ा मान लेने के बाद उसे वापस नहीं लिया जा सकता.

के. चन्द्रू - ओ पनीरसेल्वम ने जब इस्तीफा दिया और मुख्यमंत्री पद के लिए शशिकला का नाम आगे किया, तब उस बैठक की वीडियोग्राफी की गई.

शशिकला ने पेश किया 'सरकार' बनाने का दावा

ऐसे में बाद में उसे दबाव का नाम देना असहज है. किसी भी सूरत में कोई ऐसा संवैधानिक प्रावधान नहीं है जिसके तहत इस्तीफा वापस लिया जा सके.

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption इस साल दिसंबर में जे. जयललिता की मौत हो गई थी.

कैसे चुना जाएगा मुख़्यमंत्री?

सोली सोराबजी - राज्यपाल या मीडिया के सामने विधायकों की परेड करने से समर्थन साबित नहीं होता. इसे सिर्फ़ सदन के पटल पर वोटिंग के ज़रिए तय किया जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला अगर शशिकला के हक़ में आता है तो राज्यपाल उन्हें और ओ पनीरसेल्वम को सदन में बुलाएंगे.

के. चन्द्रू - ओ पनीरसेल्वम को अगर मुख्यमंत्री पद पर दावा ठोकना है तो उन्हें सदन में शशिकला के विश्वास प्रस्ताव का विरोध करने का रास्ता अपनाना चाहिए था. इसका कोई और तरीका नहीं है.

अगर शशिकला अपना समर्थन साबित कर पाती हैं तो उन्हें छह महीने के अंदर तमिलनाडु से विधायक बनना होगा.

ओ पनीरसेल्वम इस्तीफ़ा देने के बाद फ़िलहाल अंतरिम मुख़्यमंत्री के तौर पर काम कर रहे हैं.

तमिल नाडू विधान सभा में 235 सदस्य हैं और मुख़्यमंत्री बनने के लिए 118 विधायकों का समर्थन हासिल करना ज़रूरी है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे