केजरीवाल के दो साल, क्या कुछ हुआ कमाल

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दो साल पहले 'पांच साल केजरीवाल' के नारों के साथ आम आदमी पार्टी के युवा कार्यकर्ता राजधानी में घूम-घूम कर लोगों से अपनी पार्टी के लिए वोट मांग रहे थे. चुनाव में आम आदमी पार्टी की आंधी ने उनके प्रतिद्वंद्वियों को विधानसभा से एक तरह से साफ़ ही कर दिया.

जहां कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिल पाई थी, वहीं भारतीय जनता पार्टी को तीन ही सीटें मिलीं. कई वादों के साथ आम आदमी पार्टी के लोग चुनावी मैदान में उतरे थे. उन वायदों में बिजली और पानी की दर को घटाना सबसे ऊपर थे.

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अब जबकि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के दो साल हो गए हैं, सरकार बिजली, पानी और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में किए गए काम को अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही है. लेकिन विपक्ष आप की सरकार को घेर रही है और आरोप है कि केजरीवाल सरकार में विकास पूरी तरह ठप है.

विपक्ष का ये भी आरोप है कि आप सरकार के मंत्री दिल्ली से बाहर ही रहते हैं, तो वे मुफ़्त वाई-फ़ाई के वादे की भी याद दिलाते हैं.

बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में जो कुछ दिल्ली की सरकार ने पिछले दो सालों में किया उसको लेकर आम आदमी पार्टी पंजाब और गोवा के विधानसभा के चुनावों में गई और लोगों से इसी मॉडल के लिए वोट देने को कहा.

Image caption दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन

सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने बीबीसी से कहा, "सरकार की पहल से ना सिर्फ़ बिजली की दर कम हुई बल्कि हम बिजली बचाने में कामयाब भी रहे. लोग कोशिश करते हैं कि 400 यूनिट से कम ही बिजली की खपत हो ताकि पैसे बचें. यही हाल पानी का भी है."

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दिल्ली सरकार का दावा है कि उनकी मोहल्ला क्लीनिक योजना काफी लोकप्रिय हो गई है. सरकार का लक्ष्य इस वर्ष मार्च तक एक हज़ार ऐसे क्लीनिक खोलने का है.

जैन का कहना है कि एक मोबाइल क्लीनिक से इसकी शुरुआत हुई जिसके बाद सरकार ने सोचा कि हर मोहल्ले में ऐसे क्लीनिक होने चाहिए. पीरागढ़ी की झोपड़पट्टी से शुरू की गई मोहल्ला क्लीनिक की सफलता के बाद मार्च 2017 तक एक हज़ार ऐसे क्लीनिक खोलने का लक्ष्य रखा गया."

फिलहाल दिल्ली के विभिन्न इलाक़ों में 107 ऐसे मोहल्ला क्लीनिक चल रहे हैं जहां लोगों का इलाज, जांच और मुफ़्त दवाइयां दी जाती हैं. आम लोगों में भी सरकार के कामकाज को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है.

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कुछ मानते हैं कि आम आदमी पार्टी ने जो चुनावी वादे किए थे, उन्हें पूरा किया है जबकि कुछ कहते हैं कि जो विकास दिल्ली में नज़र आ रहा है वो पिछली सरकार की देन है. कई ऐसे भी हैं जो मानते हैं कि केंद्र सरकार दिल्ली की सरकार को काम नहीं करने दे रही है.

राम लखन शर्मा पूर्वी दिल्ली में एक परचून की दूकान चलाते हैं. उनका मानना है कि बिजली और पानी की दर में कमी से उन्हें काफी राहत मिली है. उन्हें लगता है कि आम आदमी पार्टी ने अपना चुनावी वायदा पूरा किया है.

दिल्ली की सड़कों पर ऑटो रिक्शा चलाने वाले दहजी राज कहते हैं कि आम आदमी पार्टी की सरकार के आने के बाद उनका मनोबल बढ़ा है क्योंकि अब उनसे सड़क पर कोई पुलिसवाला रिश्वत नहीं माँगता.

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मगर कांग्रेस के नेता बिल्लू भाटी ऐसा नहीं मानते हैं. उनका कहना है कि स्कूलों में मुफ्त वाई-फ़ाई के सरकार के वायदे अब भी अधूरे हैं. भाटी कहते हैं कि आम आदमी पार्टी के मंत्री ज़्यादातर दिल्ली से बाहर ही रहते हैं.

कांग्रेस और भाजपा ने दो साल पूरे होने पर आम आदमी पार्टी को अपने निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया है कि दो सालों में विकास का काम पूरी तरह ठप है.

मगर राजेंद्र कुमार जो एक छोटे दुकानदार हैं कहते हैं, "यह दिल्ली का दुर्भाग्य होगा अगर अरविंद केजरीवाल दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बने.

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Image caption मोहल्ला क्लीनिक को दिल्ली सरकार अपनी बड़ी उपलब्धि के तौर पर बताती है

पहले दिल्ली में लूट मची थी. घोटालों पर घोटाले हो रहे थे. दिल्ली को विकास के नाम पर ठगा गया है. अब सरकार जो कुछ कर रही है, लोग खुश हैं."

हालांकि सत्येंद्र जैन का कहना है कि केंद्र सरकार के असहयोग के बावजूद जो कुछ उनकी सरकार ने किया है वो लोगों के बीच काफी सराहा जा रहा है.

पिछले दो महीने आम आदमी पार्टी के मंत्रियों और नेताओं के लिए काफी गहमा गहमी वाले रहे क्योंकि गोवा और पंजाब के विधानसभा के चुनावी समर में उसने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी. दिल्ली लौटकर अब आम आदमी पार्टी अपनी दो साल की उपलब्धियों को लेकर लोगों के बीच जाने का मन बना चुकी है.

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