पहले अम्मा फिर चिनम्मा की पसंद बने पलनीसामी

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Image caption अन्नाद्रमुक विधायक दल के नवनिर्वाचित नेता पलनीसामी

एआईएडीएमके महासचिव वी के शशिकला ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद पार्टी विधायकों की कमान र्ई के पलनीसामी को सौंप दी है.

पार्टी में अम्मा जयललिता के दौर में पलनीसामी कार्यकर्ता के ओहदे से उठकर मंत्री की कुर्सी तक पहुंचे थे.

दो बार मंत्री रहे पलनीसामी को लो प्रोफ़ाइल रखने वाला नेता माना जाता है.

1989 में एडापडी से पहली बार विधायक बने पलनीसामी तब से इसी सीट से लगातार चुनाव जीत रहे हैं.

सलेम जिले के इस निर्वाचन क्षेत्र का नाम पलनीसामी के गांव के नाम पर ही रखा गया है.

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शशिकला के खेमे के करीबी माने जाने वाले पलनीसामी गाउंडर समुदाय से आते हैं.

तमिलनाडु के पश्चिमी जिलों में गाउंडर समुदाय का ख़ासा असर देखा जाता है.

दो दिन पहले ओ पनीरसेल्वम के पक्ष में पार्टी नेता के मधुसूदन की वफ़ादारी बदलने के बाद शशिकला ने सेंगोत्तियन को अन्नाद्रमुक प्रेज़ेडियम का चेयरमैन बना दिया था.

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पलनीसामी की अहमियत का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि कावेरी जल विवाद पर कर्नाटक और तमिलनाडु के मुख्यमंत्रियों के बैठक में जयललिता का लिखित भाषण उन्होंने ही पढ़ा था.

ये मीटिंग पिछले साल कावेरी जल संकट के समय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने बुलाई थी.

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