प्रेस रिव्यू: 'मैं ना रहूं तो भी गुरमेहर का कोई कुछ बिगाड़ नहीं पाएगा'

  • 1 मार्च 2017
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गुरमेहर कौर की मां राजविंदर कौर ने अंग्रेज़ी अख़बार द मिंट से कहा, ''मैं कभी नहीं चाहती थी कि मेरी बेटी को कोई बेचारी बच्ची कहे. मैं इस बात को लेकर निश्चिंत थी कि मेरे बच्चे ख़ुद को असहाय महसूस नहीं करेंगे. इनके पिता नहीं रहे लेकिन ये पीड़ित नहीं हैं. मेरे पति कश्मीर के कुपवाड़ा में नियुक्त थे. वह गुल से फोन पर बात करते थे. तब मेरी बेटी ने बोलना शुरू ही किया था.''

राजविंदर ने कहा, ''हमलोगों ने उसे हेलो की जगह वंदे मातरम कहना सिखाया था. तब उसे पता रहता था कि फ़ोन पर उसके पिता हैं. वह हिन्दी फ़िल्म सोल्जर का सोल्जर-सोल्जर गाना गाती थी. उसकी आवाज़ में वह गाना सुनना काफी अच्छा लगता था. जब मेरे पति मुझे चिट्ठी लिखते थे तो वह गुल के लिए एक अलग पन्ने पर चित्र बनाकर भेजते थे.''

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उन्होंने कहा, ''जब वह छह साल की थी तो मैंने महसूस किया कि उसके मन में काफी ग़ुस्सा है. मेरठ में उसने एक बुर्के वाली महिला पर हमला कर दिया था. जो पूरा माहौल था उसमें उसके मन में यह बात पैठ गई थी कि मुसलमान और पाकिस्तान ने उसके पिता को मारा है. फिर मैंने उसे समझाना शुरू किया. मैंने उसे बताया कि उसके पिता को युद्ध ने मारा है. वह उन्हीं बच्चों में से एक है जो अपने माता-पिता को युद्ध में खो देते हैं. मैं नहीं चाहती थी कि मेरी बेटी प्यार के बजाय नफरत को दिल रख बड़ी हो.''

राजविंदर कौर ने कहा, ''उसे जानबूझकर ग़लत तरीके से पेश किया गया. वह शांति के बारे में बात कर रही थी. वह नहीं चाहती है कि उसके तरह कोई अपना पिता खो दे. वह शांति से अपनी बातों को रख रही थी. उसके ख़िलाफ़ लोगों ने हिंसक और ग़ैरवाजिब व्यवहार किया है.''

उन्होंने कहा, ''जब मैंने अपनी बेटी को टीवी चैनलों से बात करते हुए सुना तो मुझे लगा कि वह कितनी परिपक्व हो चुकी है. उसने सबकुछ कितना शांतिपूर्ण तरीके से हैंडल किया. यह मेरी जीत है. पति की मौत के बाद मैं हमेशा डरी रहती थी कि जब मैं भी ना रहूं तो उसका क्या होगा. इस घटना से मैं आश्वस्त हूं कि मैं ना रहूं तब भी मेरी बेटी का कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता है.''

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Image caption गुरमेहर कौर

दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज विवाद के बाद सियासत गर्म हो गई है. छात्र राजनीति से शुरू मामले में केंद्रीय सरकार और कई बड़ी हस्तियां पक्ष और विपक्ष के तर्कों के साथ खड़ी हो गई हैं. तमाम अख़बारों ने इस ख़बर को अपने पहले पन्ने पर जगह दी है और सुर्खी बनाया है.

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हिन्दुस्तान टाइम्स ने लिखा है रामजस कॉलेज में छात्रों के साथ मारपीट की घटना के बाद छात्र संगठन एबीवीपी के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया में विरोध का बिगुल फूंकनेवाली गुरमेहर कौर ने दिल्ली छोड़ी. वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय में करीब दो हज़ार छात्रों ने विशाल जुलूस निकाला. गुरमेहर कौर को सोशल मीडिया पर रेप की धमकी मिलने पर दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है.

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हिन्दू की ख़बर है कि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस साल हिल स्टेशन में भी गर्मी पड़ेगी. इस साल प्रचंड गर्मी के लिए तैयार रहिए. पिछले 115 साल में 2016 देश का सबसे गर्म साल रहा और 2017 में भी सामान्य से ज़्यादा गर्मी की आशंका है. भारतीय मौसम विभाग ने इस साल मॉनसून पूर्व के महीनों मार्च से मई तक के संभावित मौसम के बारे में बताया है कि इस दौरान देश के लगभग सभी हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा.

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