वो दिल दहलाने वाला अनुभव
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

वो दिल दहलाने वाला अनुभव

कैप्टेन रनवीर भदौरिया के साथ एक ऐसी घटना हुई जिसने उन्हें हिला कर रख दिया. जब वो एक घर में घुसे तो उसकी रसोई में एक महिला अपने दो साल के बच्चे के साथ खड़ी थी. भारतीय कमांडोज़ ने रेफ़्लेक्स एक्शन में फ़ायर किया जिसमें वो महिला मारी गई. भदौरिया उसे दो साल के बच्चे पर गोली नहीं चला सके क्योंकि उन्हें अपना बेटा याद आ गया जिसकी उम्र भी करीब करीब उस बच्चे जितनी ही थी. लेकिन उनके साथ चल रहे एक सैनिक ने उस बच्चे को हमेशा के लिए सुला दिया.

कर्नल रनवीर भदौरिया याद करते हैं, "जब एक बार फ़ायर खुल जाता है तो आदमी देखता नहीं कि किधर गोली जा रही है. मेरी तो हिम्मत नहीं हो रही थी कि किसी को मारो. मैं बाहर की तरफ़ निकल आया. जब मैं वापस गया तो वो बच्चा मरा हुआ था. जंग में ये सब चीजें हो जाती हैं जिसका दुख हमेशा रहता है. कई बार अकेले बैठ कर उस घटना के बारे में सोचता हूँ लेकिन कई बार गेहूँ के साथ घुन भी पिस जाता है."