एडिटर्स पिक: ये 10 ख़बरें मिस तो नहीं हो गईं

  • 5 मार्च 2017
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उत्तर प्रदेश का चुनावी घमासान अपने आख़िरी दौर में पहुंच गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कैबिनेट के कई मंत्री हों या फिर मायावती या समाजवादी-कांग्रेस गठबंधन का खेमा हो, हर कोई पूर्वांचल में लगातार चुनावी रैलियां कर रहा है.

उधर, दिल्ली विश्वविद्यालय की लड़की गुरमेहर कौर रातों रात अपने एक पोस्ट के चलते चर्चा में आ गईं, दो छात्र संगठनों के बीच का झगड़ा, राष्ट्रवाद और राष्ट्रविरोधी के आरोप-प्रत्यारोप में तब्दील होता दिखा.

भारत ही नहीं देश दुनिया भर के तमाम मुद्दों पर बीबीसी हिंदी ने ख़ास ख़बर, विश्लेषण और नज़रिया प्रस्तुत किया, लेकिन कहीं आप इन्हें मिस तो नहीं कर गए. एक ही जगह पढ़िए सप्ताह की दस बड़ी ख़बरें और विश्लेषण.

1. एक मेनिफ़ेस्टो जिस पर मोदी, मुलायम सब सहमत

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जब-जब चुनाव होता है, हम सब ये देखते हैं कि बड़े-बड़े नेता किस तरह से एक दूसरे के काले कारनामों का राजफाश करने की बात करते हैं, जेल भेजने की बात करते हैं, लेकिन जीतने वालों को ये वादे याद नहीं आते. क्या आपको कभी लगा कि ये भारतीय राजनीति का एक घोषणापत्र जैसा ही है, सोचिए और इन नज़रिए को यहां पढ़िए.

2. मोदी के ख़िलाफ़ लालू की लालटेन में तेल नहीं

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बिहार चुनाव के वक्त लालू प्रसाद यादव अपनी चुनावी रैलियों में कहा करते थे, वे लालटेन लेकर बनारस जाएंगे और नरेंद्र मोदी का सच सामने लाएंगे. लेकिन बिहार चुनाव में कामयाबी हासिल करने के बाद वे बनारस नहीं गए और ना ही नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ कोई अभियान ही शुरू किया. उनके दावों की हक़ीकत को समझाने की कोशिश हमारे इस विश्लेषण में की गई है, आप यहां पढ़ सकते हैं.

3. गुरमेहर मामले से बीजेपी को फ़ायदा या नुकसान?

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दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा गुरमेहर कौर सोशल प्लेटफॉर्म पर अपनी एक वायरल हुई पोस्ट के चलते चर्चा में आईं. उन्होंने एक प्लेकार्ड के साथ सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर लगाई थी, जिसमें लिखा था कि मैं एबीवीपी से नहीं डरती. बाद में उनके एक पुराने वीडियो में इस्तेमाल प्लेकार्ड जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके पिता को पाकिस्तान ने नहीं बल्कि युद्ध ने मारा के चलते पूरा विमर्श ही बदल गया. इस मुद्दे के राजनीतिकरण पर हमारा ये नज़रिया आप यहां पढ़ सकते हैं.

4. थकी नहीं हैं ज़ाकिया जाफ़री

गोधरा में ट्रेन हादसे के बाद भड़की हिंसा में 28 फरवरी, 2002 को अहसान जाफ़री की हत्या हो गई थी. ज़ाकिया जाफ़री के पति की हत्या उनके आंखों के सामने हुई थी, जिन लोगों पर हत्या का आरोप लगा, उन्हें भी ज़ाकिया पहले से जानती थीं. इस हादसे के बाद ज़ाकिया इंसाफ़ की लड़ाई लड़ रही हैं, थकी नहीं हैं. 15 साल के बाद उनकी लड़ाई पर फ़ेसबुक हिंदी लाइव यहां सुन सकते हैं.

5. ट्रंप की सद्बुद्धि के लिए 'वीज़ा मंदिर' में यज्ञ

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आप को शायद ये जानकर अचरज हो लेकिन दक्षिण भारतीय युवाओं के बीच हैदराबाद के बाहरी इलाके चिलकूर में मौजूद बालाजी मंदिर की बहुत अहमियत है. अमरीका जाने का सपना देखने वाला हर युवा अपने पासपोर्ट के साथ यहां माथा टेकने पहुंचता है. अमरीका में भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचीवोतला की हत्या के बाद इस मंदिर में युवा किन प्रार्थनाओं के साथ पहुंच रहे हैं, दिलचस्प रिपोर्ट यहां पढ़िए.

6. 'अमरीका ने प्यार छीना, प्यार बांटने लौटूंगी'

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अमरीकी राज्य कैनसस में मारे गए भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचीवोतला की पत्नी सुनयना दुमाला की हौसले की मिसाल देनी होगी. अपनी पति की हत्या के बाद उन्होंने बीबीसी से बताया कि अमरीका ने उनका प्यार छीना है, लेकिन वह प्यार बांटने के लिए अमरीका लौटना चाहती हैं. उनके अनुभव को यहां पढ़ सकते हैं.

7. अभिनेत्री ने खोली कास्टिंग काउच की पोल

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फ़िल्म जगत में यौन उत्पीड़न या कास्टिंग काउच का मुद्दा नया नहीं है, लेकिन बहुत कम अभिनेत्रियां इसको लेकर सार्वजनिक तौर पर सामने आने का साहस दिखा पाती हैं. दक्षिण भारतीय फ़िल्मों की अभिनेत्री वरालक्ष्मी सरथकुमार ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी. 'नीड्स टू बी सेड' शीर्षक से उन्होंने अपना अनुभव बताया है, यहां पढ़िए.

8. 'गावस्कर को देख लगा ऐसा ही खेलना है'

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पहली कप्तान शांता रंगास्वामी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सम्मानित कर रहा है. बोर्ड पहली बार किसी महिला क्रिकेटर को सम्मानित कर रही है, इस सम्मान के बारे में शांता रंगास्वामी की प्रतिक्रिया और उनके सफ़र के बारे में यहां पढ़िए.

9. झोपड़पट्टी से हॉलीवुड तक सनी का सफ़र

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आठ साल के सनी पवार का नाम तो आपने सुन ही लिया होगा. आठ साल की उम्र क्या होती है, वो भी जब कोई बच्चा झोपड़पट्टी में रह रहा हो. लेकिन सनी पवार मुंबई की कलीना झोपड़पट्टी से ऑस्कर समारोह तक हो आए. इस नन्हें सितारे के बारे में आप जो भी जानना चाहते हैं, यहां देखिए.

10. कैसे जानेंगे कि दिल का दौरा पड़नेवाला है

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आजकल के आधुनिकतम जीवनशैली का असर कुछ ऐसा है कि आसपास में दिल की बीमारी की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. इसकी वजह जानना चाहते हैं आप और कैसे दिल के दौरे से बचा जा सकता है, आप यहां पढ़िए.

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