प्रेस रिव्यू: पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को मिलता है कम पैसा

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'दैनिक भास्कर' में छपी एक ख़बर के अनुसार मॉन्स्टर इंडिया ने भारत में औसतन कमाई की रिपोर्ट जारी की है.

इस रिपोर्ट के अनुसार साल 2016 में एक जैसा काम करने के लिए महिलाओं को पुरुषों की तुलना में 25 फीसदी कम तनख्वाह मिलती है. साल 2015 में यह अंतर 27 फीसदी से ज़्यादा था.

अख़बार के अनुसार यह सर्वे देशभर में 2000 से ज़्यादा महिला कर्मचारियों के बीच किया गया था.

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'पायोनियर' में सूत्रों के हवाले से छपी एक ख़बर के अनुसार सरकार ने एसबीआई से बचत खाते की न्यूनतम राशि और नकद लेनदेन पर एक अप्रैल से लगने वाले जुर्माने पर फिर से विचार करने को कहा है.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बचत खाते में न्यूनतम राशि यानी मिनिमम बैलेंस की लिमिट को बढ़ा कर महानगरों के लिए 5000, शहरों के लिए 3000, सेमी अर्बन इलाकों के लिए 2000 और गांवों के लिए 1000 रुपये निर्धारित कर दिया है.

साथ खाते में निर्धारित राशि से कम पैसा होने पर ग्राहकों पर जुर्माना वसूलने का निर्णय किया है.

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'हिंदुस्तान टाइम्स' में छपी एक ख़बर के अनुसार अप्रैल की 1 तारिख से गुरूग्राम यानी गुड़गांव में खुली जगहों पर फिर से शराब की बिक्री फिर से शुरू हो जाएगी.

आबकारी विभाग ने पब और बार मालिकों से इसके लिए लाइसेंस के लिए आवेदन करने के लिए कहा है.

अख़बार के अनुसार इस फ़ैसले से गुरुग्राम के 100 पब और बार को फायदा पहुंचेगा. बीते साल अप्रैल में पूरे राज्य में खुले में शराब बेचने पर पाबंदी लगा दी गई थी.

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'दैनिक भास्कर' में छपी एक ख़बर के अनुसार दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र मौजूदा एलजी अनिल बैजल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ.

एलजी ने दो साल में केजरीवाल सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. अख़बार का कहना है कि इस दौरान राजनिवास और दिल्ली सरकार के बीच दूरियां कम होती दिखाई दीं.

8 मार्च को दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया आप सरकार के तीसरा बजट पेश करेंगे.

बीते साल दिल्ली के पूर्व एलजी नजीब जंग और यहां के मुख्यमंत्री केजरीवाल के बीच की जुबानी जंग तेज़ हो गई थी.

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'दैनिक जागरण' में छपी एक ख़बर के अनुसार दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि पेड़ मतदाता होते तो काटे नहीं जाते.

न्यायमूर्ति बीडी अहमद और न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने सुझाव दिया है कि महालेखा परीक्षक को इस बात का ऑडिट करना चाहिए कि दिल्ली में कितने पेड़ काटे गए हैं और उनसे मिली लकड़ी से क्या किया गया.

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'जनसत्ता' में छपी एक ख़बर के अनुसार भारतीय क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने झूठा हलफनामा दाखिल करने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट की अवमानना नोटिस पर अदालत से बिना शर्त माफी मांगी है.

ठाकुर ने कहा कि उनकी मंशा कभी भी कोई झूठी जानकारी देने की नहीं थी और उन्होंने एक हलफनामा दाखिल किया जिसमें उन परिस्थियों का ज़िक्र किया गया है जिसके तहत उनके कथन के कारण अवमानना की कार्यवाही शुरू की गई.

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