मुलायम की पत्नी क्यों आईं मीडिया के सामने?

  • 7 मार्च 2017
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आम तौर पर पर्दे के पीछे रहनेवाली समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना गुप्ता मंगलवार को अचानक मीडिया में आईं.

उन्होंने एक इंटरव्यू में पिछले कुछ दिनों से पारिवारिक झगड़े में उनकी भूमिका को लेकर लगाए जा रहे कयासों को शांत करने की कोशिश की है.

समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में साधना गुप्ता ने अखिलेश यादव के साथ किसी तरह के मतभेद से इनकार किया.

साधना ने कहा, "मेरी और अखिलेश की कभी कहासुनी तक नहीं हुई. मैंने उसे कभी दूसरा बेटा माना ही नहीं. फिर भी लोगों को बड़ा मज़ा आया. 1 जनवरी से मेरी अखिलेश से इतनी बात हुई है, जितनी पिछले पाँच साल में नहीं हुई."

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इस साल की शुरुआत में ही समाजवादी पार्टी में पारिवारिक कलह चरम पर पहुँच गई थी.

अखिलेश यादव ने पिता मुलायम सिंह और चाचा शिवपाल यादव के ख़िलाफ़ बग़ावत कर पार्टी की कमान अपने हाथ में ले ली थी.

'नेताजी का अपमान नहीं होना चाहिए था'

साधना गुप्ता ने कहा जो कुछ हुआ उसके लिए वो किसी को दोष नहीं देती लेकिन कहा कि नेताजी का अपमान नहीं होना चाहिए था.

साधना ने कहा, "नेताजी का अपमान नहीं करना चाहिए था. इतनी मुश्किलों से बनाई हुई पार्टी. ये उनकी ज़िंदगी भर की मेहनत है."

ये पूछे जाने पर कि क्या वो ख़ुद सियासत में आना चाहती हैं साधना ने कहा, "मैं ख़ुद तो सियासत में नहीं आना चाहती, लेकिन चाहती हूँ कि बेटा प्रतीक राज्यसभा या लोकसभा पहुँचे."

साधना ने कहा कि वो पहले कभी सामने इसलिए नहीं आईं क्योंकि नेताजी ने उन्हें कभी आने नहीं दिया.

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साधना ने कहा, "वो नहीं चाहते थे कि हम (राजनीति में) आएं. पीछे से तो काम करते रहे, लेकिन सामने नहीं आए."

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Image caption साधना गुप्ता, मुलायम सिंह की पत्नी

उन्होंने कहा, "मैंने राजनीति में भी सलाह दी है. परिवार में भी सलाह दी है, परिवार को एक रखा है, धर्मेंद्र और अखिलेश को एमपी बनाया. ये सब काम किए, लेकिन छिपकर किए."

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साधना ने कहा, "मुझे लगता है कि अब ज़रूरत है कि मैं सामने आऊँ. राजनीति में तो नहीं आना चाहती, लेकिन सामाजिक काम खुलकर करना चाहती हूँ."

मुलायम सिंह और प्रोफ़ेसर रामगोपाल यादव के बीच संबंधों की चर्चा करते हुए साधना गुप्ता ने कहा कि दोनों के बीच घनिष्ठ प्रेम था.

साधना ने कहा, "नेताजी और प्रोफ़ेसर साहब में बहुत प्रेम था, फिर पता नहीं ऐसे कैसा हो गया. प्रोफ़ेसर साहब के तो मैंने आँसू तक पोंछे है. उनके बेटों की शादियां कराई हैं."

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