पॉर्न स्टार लुक के लिए नाबालिगों की बढ़ती सर्जरी

हाल के वर्षों में किशोरियों में निजी अंगों को सुंदर दिखाने की चाहत तेज हुई है.

अमरीका में एक रिपोर्ट के मुताबिक 2014 के बाद से अपनी योनि की कॉस्मेटिक सर्जरी कराने वाली 18 साल से कम उम्र की लड़कियों की संख्या तेजी से बढ़ी है.

हालांकि इस तरह की सर्जरी पूरी दुनिया में होती है लेकिन आम तौर पर बड़ी उम्र की महिलाएं ही इस तरह की सर्जरी में रुचि लेती हैं. किशोरियों की इस तरह की सर्जरी में रूचि अमरीकी समाज में कई चिंताएं भी पैदा कर रही है.

अमरीकन सोसायटी फॉर एस्थेटिक फॉर प्लास्टिक सर्जरी के मुताबिक 2014 में 222, 2015 में 400 और 2016 में 560 किशोरियों ने ऐसी सर्जरी करवाई.

इस सर्जरी को 'लेबियोप्लास्टी' कहते हैं. इसे आम तौर पर व्यस्क महिलाएं गर्भ धारण करने और बच्चा पैदा होने के बाद करवाती हैं.

लेकिन अब किशोरियों के बीच लेबियोप्लास्टी का चलन बढ़ रहा है.

2016 में अमरीका में प्लास्टिक सर्जरी करवाने वाली 18 साल से कम उम्र की लड़कियों में 5.2 फीसदी ने लेबियोप्लास्टी करवाई.

लेबियोप्लास्टी क्या है और इसके बढ़ने की क्या वजह है?

बीबीसी की रिपोर्टर गिल रोजेंडो ने इसकी पड़ताल की.

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लोअर लिप्स और लेबियोप्लास्टी

स्त्री यौनांग के दो हिस्‍से होते हैं. बाहरी हिस्‍सा वल्वा और भीतरी हिस्‍सा वजाइना है. वल्वा देखने में होंठ जैसा होता है. बाहरी होंठ या बड़े होंठ को लेबिया मेजोरा कहते हैं. भीतरी होंठ यानि छोटे होंठ को लेबिया माइनोरा कहते हैं.

भीतरी होंठ यानी लेबिया माइनोरा की सर्जरी में बढ़ोतरी हुई है.

लेबियोप्लास्टी वह विधि है जिसमें ऑपरेशन के जरिए लेबिया माइनोरा के आकार को छोटा कर दिया जाता है. छोटा वल्वा को 'सुंदर' माना जाता है, हालाँकि लोगों की राय इस पर बँटी हुई है.

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पहले मनोवैज्ञानिक इलाज

जानकार किशोरियों में इस तरह के चलन को लेकर चिंतित हैं. उनका मानना है कि 18 साल से कम उम्र की लड़कियों के लिए ये सर्जरी उचित नहीं है.

स्वास्थ्य सेवाओं ने चेतावनी दी है कि लिबियोप्लास्टी जोखिम भरा हो सकता है. इसकी कोई गारंटी नहीं कि आपको आपका मनचाहा परिणाम मिल जाए और न ही ये जरूरी है कि इसके बाद लड़कियाँ बेहतर महसूस करें.

इससे कई तरह के जोखिम हो सकते हैं, जैसे खून का बहना, संक्रमण, सूजन और संवेदनशीलता.

डॉक्टरों के मुताबिक़, लिबियोप्लास्टी तभी की जानी चाहिए जब भीतरी होंठ या बाहरी होंठ का आकार असामान्य हो और इससे महिला को सचमुच दिक्कत हो रही हो.

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किशोरियों में लेबियोप्लास्टी को लेकर बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए अमरीकन कॉलेज ऑफ ऑबस्टेट्रिशियन एंड गाइनेकोलोजिस्ट ने पिछले साल डॉक्टरों के लिए एक सलाह पुस्तिका जारी की.

किशोरों के लिए काम करने वाली इस हेल्थ कमिटी ने लेबियोप्लास्टी करने वाले डॉक्टरों को कई तरह के सुझाव दिए हैं.

उनका कहना है कि डॉक्टर किशोरियों को जानकारी दें. और ऑपरेशन का सुझाव देने के पहले ये देख लें कि मरीज शरीर और मन से कितना परिपक्व है.

डॉक्टरों को सुझाव दिया गया कि यदि मरीज में उस हिस्से की सेहत से जुड़ी दिक्कत नहीं है और यदि वह इसकी सुंदरता को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंतित है तो पहले उसका मनोवैज्ञानिक इलाज किया जाए.

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Image caption 2016 में अमरीका में प्लास्टिक सर्जरी करवाने वाली 18 साल से कम उम्र की लड़कियों में 5.2 फीसदी लेबियोप्लास्टी करवाई.

सर्जरी में बढ़ती दिलचस्पी

डॉक्टर डेनिएल अमरीका में सोसाइटी ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जरी के अध्यक्ष हैं. उन्होंने बताया कि 1992 से लेबियोप्लास्टी शुरू की गई है. 18 साल से कम उर की लड़कियों की सर्जरी करना बिलकुल सही नहीं है.' उनका मानना है कि किशोरावस्था में मनोवैज्ञानिक और शारीरिक परिवर्तन होने बाकी रहते हैं.

स्पेन में 2014 में 18 से कम उम्र की 14 लड़कियों ने ये ऑपरेशन करवाए.

आखिर समाज में ऐसा कौन सा बदलाव आ रहा है जिसके कारण अधिक से अधिक महिलाएं या किशोरियां इस तरह की सर्जरी में दिलचस्पी ले रही हैं?

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Image caption इंटरनेट पर मौजूद पोर्नग्राफी इमेज लड़कियों में वजाइना सर्जरी की बढ़ती चाहत के लिए दोषी है

पोर्नोग्राफी

कुछ जानकार मानते हैं कि इंटरनेट पर मौजूद पोर्नोग्राफी इमेज लड़कियों में वजाइना सर्जरी की बढ़ती चाहत के लिए दोषी हैं.

एक जानकार के मुताबिक युवतियों में लेबिया माइनोरा कमोबेश सामान्य आकार के होते हैं. कुछ में इनका आकार सामान्य से थोड़ा बड़ा होता है.

कई युवतियां चाहती हैं कि उनका वो हिस्सा वैसा ही दिखे जैसी पॉर्न स्टार्स का दिखता है.

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Image caption डॉ. प्लेसर लाएनेज़ के मुताबिक पोर्न का असर है कि जननांगो के बाल पूरी तरह हटाने का चलन बढ़ा है

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा यानी एनएचएस की मानें तो यदि महिलाओं के निजी अंगों के आकार में विविधता एक सामान्य बात है और इसके लिए सर्जरी कराना बेवजह है.

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एनएचएस 18 साल से कम उम्र की लड़ियों में ऐसी सर्जरी के पूरी तरह खिलाफ है. उसका मानना है कि इस समय उनके शरीर का विकास पूरा नहीं होता. व्यस्क होने तक इन हिस्सों का आकार बढ़ने और विकसित होने की पूरी संभावना होती है.

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