उत्तराखंड की सड़कों पर उतरीं महिला 'चीता'

  • 9 मार्च 2017
इमेज कॉपीरइट UTTARAKHAND POLICE

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर बुधवार को उत्तराखंड की सड़कों पर गश्त लगाने के लिए महिला चीता सड़कों पर उतरीं.

राज्य में पहली बार दुपहिया वाहनों पर गश्त करने वाले चीता फोर्स में महिलाओं को शामिल किया गया है.

महिला पुलिस थाने: नीति है पर नीयत नहीं

हरियाणा में महिलाओं का पुलिस स्टेशन

डीएसपी का फ़ेसबुक संदेश, सोशल मीडिया पर बवाल

इमेज कॉपीरइट UTTARAKHAND POLICE

यह महज़ इत्तेफ़ाक़ नहीं है कि महिला दिवस के मौके पर यह शुरुआत एक महिला एसएसपी की कोशिशों से हुई.

देश की पहली महिला डीजीपी कंचन चौधरी भट्टाचार्य इसी राज्य में ही तैनात हुई थीं.

इमेज कॉपीरइट UTTARAKHAND POLICE

बुधवार को डीजीपी एमए गणपति के साथ एसएसपी देहरादून स्वीटी अग्रवाल ने महिला चीता टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

एसएसपी ने कहा कि वह महिलाओं को पुरुषों के समान ही काम करने के मौके देना चाहती हैं.

उन्होंने कहा कि चूंकि महिलाएं संवेदनशील होती हैं, लिहाजा वे कई मामलों को पुरुषों से बेहतर काम कर सकती हैं.

इमेज कॉपीरइट UTTARAKHAND POLICE

अभी कुल 24 महिला चीता टीमों को सड़क पर उतारा गया है. इनमें 48 महिला पुलिसकर्मी हैं.

इनमें से 22 नगर क्षेत्र में और दो देहात (थाना ऋषिकेश में) तैनात रहेंगी.

महिला चीता टीमें पुरुष चीता टीमों से अलग हैं. इन्हें वायरलेस सेट, बेटन (डंडे) के अलावा सीपीयू में लगने वाले सायरन, पीए सिस्टम (माइक और स्पीकर) के अलावा बेकन लाइट्स से लैस किया गया है.

इमेज कॉपीरइट UTTARAKHAND POLICE

शुरुआत में इन्हें आठ घंटे तक सुबह 10 से शाम छह बजे तक क्षेत्र में तैनात किया जाएगा.

इस दौरान खाने और रिफ्रेश होने के लिए आधे घंटे का समय भी दिया जाएगा.

इन महिला चीता दलों को आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट (जूडो और वुशु), फ़र्स्ट एड और दुपहिया चलाने का भी प्रशिक्षण दिया गया है.

महिला चीता दलों को छह दिन का गहन प्रशिक्षण दिया गया है.

इमेज कॉपीरइट UTTARAKHAND POLICE

दो दिन पहले चल रहे प्रशिक्षण के दौरान बीबीसी ने वुशु ट्रेनर अंजना रानी से बात की थी.

उन्होंने विश्वास जताया था कि ये सभी अपने पुलिसिंग काम के दौरान आने वाली चुनौतियों का अच्छी तरह से सामना कर सकती हैं.

इमेज कॉपीरइट UTTARAKHAND POLICE

महिला चीता दल में शामिल मीना नेगी कहती हैं, "महिला चीता दलों के सड़क पर उतरने से न सिर्फ़ महिलाओं को शिकायत करने का साहस मिलेगा, पुलिस की छवि भी सुधरेगी."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे