प्रेस रिव्यूः राहुल ने नहीं ली हार की ज़िम्मेदारी

  • 15 मार्च 2017
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने विधानसभा चुनावों में हुई हार के बाद दिए अपने पहले बयान में हार के लिए कोई ज़िम्मेदारी न लेते हुए पार्टी में संस्थागत बदलाव की बात की है. 'द इंडियन एक्प्रेस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि पार्टी को आपात क़दम उठाने की ज़रूरत है. पार्टी के नेताओं ने कहा है कि अब पार्टी को दिल की सर्जरी की ज़रूरत है. बीजेपी की भारी जीत के बाद कांग्रेस पार्टी में खीझ दिख रही है.

वहीं हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब में कांग्रेस के मुख्यमंत्री बनने जा रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि पार्टी की कमान राहुल गांधी के हाथ में दी जानी चाहिए.

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'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक और रिपोर्ट के मुताबिक पुराने नोट बदलवाने के लिए दिल्ली में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के दफ्तर के बाहर ऐसे सैनिक भी हैं जो सियाचिन या बस्तर जैसे दूरस्थ स्थानों पर तैनात थे. नायक महेंद्र सिंह सियाचिन में तैनात थे जब प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवंबर को नोट बंद करने का एलान किया था. महेंद्र सिंह ने कुछ दिन बाद जब रेडियो पर ये ख़बर सुनी तो उनकी जेब में छह हज़ार रुपए पुराने नोटों में थे. उन्होंने नवंबर में ही छुट्टी का आवेदन दिया जो उन्हें इस महीने मिल सकी. वो पहले राजस्थान में अपने गांव गए और वहां से सीधे बस पकड़कर दिल्ली पहुंचे.

महेंद्र सिंह को ये मालूम ही नहीं था कि पुराने नोट सिर्फ़ वो लोग ही बदलवा सकते हैं जो 8 नवंबर और 30 दिसंबर के दौरान देश से बाहर थे. अब सिंह के पास पैसे बदलवाने का विकल्प ही नहीं हैं. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस अख़बार से कहा कि यदि उन्हें पहले पता होता तो वो एक हज़ार रुपए बस टिकट के लिए ख़र्च करके कभी दिल्ली आते ही नहीं.

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द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार ने कहा है कि वह तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की मौत की जांच राज्य सरकार की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही करेगी. संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने संसद में ये जानकारी दी है.

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