नाहिद को मिले 'फ़तवे' के लिफ़ाफ़े में क्या था?

  • 15 मार्च 2017
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इंडयिन आइडल फेम और अकीरा जैसी फिल्मों में गाना गा चुकीं असम की 15 साल की गायिका नाहिद आफ़रीन को 46 मौलवियों की तरफ से कथित फ़तवा जारी करने की ख़बर आख़िर कितनी सही है.

ख़बरों को मुताबिक़ नाहिद को मौलवियों की तरफ से फ़तवा इसलिए जारी किया गया था क्योंकि वो 25 मार्च को असम के नागांव में एक कार्यक्रम था जिसमें वो गाने वाली थीं.

ख़बरें ये भी आईं कि नाहिद जिस कार्यक्रम में गाने वाली थीं वो जगह किसी मस्जिद या क़ब्रिस्तान के पास है इसलिए उन्हें गाना नहीं चाहिए लिहाज़ा फ़तवा जारी किया गया.

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क्या है फ़तवे का सच?

फ़तवे का सच क्या है जानने के लिए बीबीसी संवाददाता सुशीला सिंह ने नाहिद आफ़रीन से बात की. नाहिद ने बताया कि कुछ रिपोर्टर उनके घर एक लिफ़ाफ़ा लेकर आए थे, लेकिन उसमें क्या लिखा था ये उनके माता-पिता ने उन्हें नहीं बताया.

नाहिद कहती हैं कि ' मैंने नहीं देखा मम्मी पापा ने पढ़ने को नहीं दिया. उन लोगों ने ख़ुद ही पढ़ा. उसके अंदर ही वो सब लिखा थो जो मेरी सिंगिग में रुकावट लाने के लिए था. उन्हें मालूम है कुछ वैसा है पर उन्होने मुझे नहीं बताया.'

वहीं नाहिद की मां फातिमा कहती हैं कि ' हम तो वो पढ़ नहीं पाए, लिफ़ाफ़ा कुछ रिपोर्टरों के हाथ में था, शायद कुछ नाम थे. हम लोगों को तो इस बारे में कुछ मालूम ही नहीं है. हमें न्यूज़ और फोन कॉल से मालूम चला कि ऐसा कुछ हुआ है.'

फ़तवे के बारे किसी धार्मिक संगठन से फोन आने या कोई जानकारी दिए जाने के सवाल पर फ़ातिमा ने कहा हमें किसी धार्मिक संगठन से फ़तवे के सिलसिले में कोई फोन नहीं आया.

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25 मार्च को होने वाला कार्यक्रम किसी क़ब्रिस्तान या मस्जिद के पास था इस पर नाहिद की मां फ़ातिमा ने कहा ' हमको पता होता तो कि वहां कोई मस्जिद या क़ब्रिस्तान है तो हम ही कैंसिल करवा देते.'

फ़तवे की इन ख़बरो को लेकर नाहिद का कहना है कि ' डर नहीं लग रहा लेकिन दुखी हूं कि मैंने सोचा भी नहीं था कि कुछ असम के लोग मेरे बारे में ऐसा सोचेंगे.'

नाहिद ने बताया कि मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनवाल ने उन्हें फोन कर सुरक्षा का भरोसा दिया है.

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असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनवाल ने नाहिद के लिए ट्विटर पर लिखा. ' कलाकार की आज़ादी लोकतंत्र का मूलतत्व है, नाहिद से बात की और कलाकारों को सुरक्षा देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई.'

अपने एक और ट्वीट में मुख्यमंत्री सोनवाल ने लिखा ' हम नाहिद आफ़रीन जैसे युवा प्रतिभा के प्रदर्शन पर प्रतिबंद लगाने की निंदा करते हैं.'

नाहिद का कहना है कि वो अपने हर कार्यक्रम की शुरूआत असम के लीजेंड भूपेन हज़ारिका के गाने से करती हैं, इसके अलावा वो बंगाली गाने, अमसिया लोक गीत और लता मंगेशकर और किशोर कुमार के गाने गाती हैं.

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