रेप के बाद लड़की की 'आंखे फोड़ दीं'

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे उन्नाव ज़िले के एक गाँव में बलात्कार का गंभीर मामला सामने आया है.

इसमें रेप के एक अभियुक्त के भाई ने कथित तौर पर पीड़ित लड़की की दोनों आँखें फोड़ दी हैं.

अभियुक्त के परिवार वाले कथित तौर पर लड़की के परिवार पर बलात्कार की शिकायत वापस लेने का दवाब बना रहे थे.

उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने लखनऊ में पत्रकारों को बताया, ''ये घटना बहुत ही गंभीर है और आरोपियों को जल्द ही पकड़ के सख़्त सज़ा दिलवाई जाएगी. ''

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'दोनों आँख की रोशनी शायद वापस न आ'

मामला उन्नाव के बलदेव खेड़ा गांव का है. जहां 19 साल की इस लड़की पर कथित तौर से तब हमला हुआ जब वो सुबह अपने घर से करीब 100 मीटर दूर शौच के लिए गई थी.

उसके न लौटने पर उसके परिवार वाले उसे ढूंढने निकले तो उसे एक खेत में जख़्मी हालत में पाया.

परिवार वाले उसे प्राथमिक चिकित्सा केंद्र ले गए और फिर वहां से उन्नाव के ज़िला अस्पताल.

उन्नाव के ज़िला अस्पताल से उसे कानपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत गंभीर होने के कारण उसे कानपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया.

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उसका इलाज कर रहे डॉक्टर ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि इलाज के बाद लड़की की हालत में सुधार आया है लेकिन दोनों आँख की रोशनी शायद वापस न आए.

उन्नाव के पुलिस क्षेत्राधिकारी अशोक सिंह ने कहा, "पीड़िता पर हमला पुत्तन नाम के आदमी ने अपने साथियों के साथ किया है."

'उसकी आंखों से खून रिस रहा था'

लड़की के पिता के अनुसार अभियुक्त मुन्ना के भाई पुत्तन और उसके तीन साथियों ने पहले उनकी बेटी को बांस से मारा फिर हाथ, पैर पकड़ के आंखों में सूजा घोंप दिया.

उन्होंने कहा, "जब वह हमें मिली तो उसकी दोनों आंखों से खून रिस रहा था. पूरे शरीर में ज़ख्म के निशान थे."

उसके पिता का कहना है कि बलात्कार के मामले में पुत्तन लड़की को डरा धमका कर मामला वापस लेने का दबाव बना रहा था.

उन्होंने कहा, "मैं कम से कम आठ बार पुलिस थाने गया और अफ़सरों से कहा की मुझे और मेरे परिवार को धमकियाँ मिल रही हैं पर पुलिस ने मेरी बात नहीं सुनी और न ही उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई की. हार कर मैंने भी पुलिस में शिकायत करना बंद कर दिया."

लड़की उन्नाव के एक कॉलेज में स्नातक की छात्रा है और उनके पिता छोटे किसान हैं.

'लड़की से हुआ सामूहिक बलात्कार'

पुलिस के मुताबिक ये लड़की 15 मई, 2015 को अपने घर के पास मवेशी चरा रही थी कि पड़ोस के जोधाखेड़ा गाँव के दो व्यक्तियों, मुन्ना और मतई ने उसका सामूहिक बलात्कार किया.

परिवार वालों के मुताबिक पहले तो पुलिस आनाकानी करती रही लेकिन लड़की की जांच में जब बलात्कार की पुष्टि हुई तो पुलिस ने मामला दर्ज किया. लेकिन संदिग्ध करीब दो महीने तक फ़रार रहे.

पुलिस ने उन्हें 10 जुलाई, 2015 को गिरफ़्तार किया. तब से दोनों अभियुक्त उन्नाव जेल में ही हैं.

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रेप के बाद बच्चे को जन्म दिया

बलात्कार का शिकार हुई लड़की ने एक बच्चे को भी जन्म दिया पर उसकी करीब महीने भर बाद मौत हो गई.

उन्नाव की पुलिस अधीक्षक नेहा पांडे ने कहा, " लड़की का बयान ले लिया गया है. उसकी आँखों में गहरे ज़ख़्म हैं. हम कोशिश कर रहे हैं उसे अच्छे से अच्छा इलाज मिले."

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