कन्नूर रेप मामले में अभियुक्तों का सरेंडर

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केरल के बहुचर्चित रेप केस में फ़ादर थॉमस थेराकाम, सिस्टर बेट्टी जोस और सिस्टर ओफ़ेलिया ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है.

इस रेप कांड में पहले ही एक कैथोलिक पादरी को गिरफ्तार किया गया है जो इस मामले के मुख्य अभियुक्त हैं.

इस मामले में हाई कोर्ट ने इन तीनों को 17 मार्च से पहले आत्मसमर्पण करने को कहा था.

'यहां बलात्कार की ख़बरें आम हैं, नया क्या है?'

क्या था मामला

ये मामला मई 2016 का है जब एक लड़की का सामूहिक बलात्कार किया गया और लड़की गर्भवती हो गई.

इस लड़की का कथित तौर पर बलात्कार पादरी रोबिन वडाकूमचेरिल उर्फ मैथ्यू वडाकूमचेरिल ने कोट्टियूर के सेंट सैबेस्टियन चर्च में किया था.

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48 साल के पादरी रबिन ने अपना अपराध कबूल किया है. पादरी ने जिस लड़की का बलात्कार किया वो ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ रही थी और वो जिस स्कूल में थी, ये पादरी उस स्कूल के मैनेजर थे.

पादरी रॉबिन की गिरफ्तारी के बाद से इस मामले के बाकी अभियुक्त फ़रार थे.

इस लड़की ने बलात्कार के बाद फरवरी 2017 में एक बच्चे को अस्पताल में जन्म दिया. इस नवजात को बिना वेरिफ़िकेशन के एक अनाथालय में शिफ्ट किया गया.

शुक्रवार को जिन तीन लोगों ने आत्मसमर्पण किया है वो वायनाड चाइल्ड वेलफ़ेयर समिति के पूर्व चेयरमैन फ़ादर थॉमस थेराकाम, समिति की सदस्य सिस्टर बेट्टी जोस और अनाथालय की प्रमुख सिस्टर ओफ़ेलिया हैं.

अनाथालय के अधिकारियों का कहना है कि जब बच्चे को अनाथालय लाया गया तो उन्होंने इस बारे में वायनाड चाइल्ड वेलफ़ेयर समिति को जानकारी दी, लेकिन समिति ने कोई कार्रवाई नहीं की.

इन तीनों पर रेप और बच्चे के जन्म से जुड़ी जानकारियां छुपाने का आरोप है.

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