एडिटर्स पिक: ये 10 बातें आपसे मिस तो नहीं हो गईं

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बीते सप्ताह भारत के पांच राज्यों को नए मुख्यमंत्री मिल गए. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के अलावा मणिपुर और गोवा में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी. जबकि पंजाब में कांग्रेस पार्टी ने अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में सरकार बनाई.

हालांकि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के नाम पर कई दिनों तक सस्पेंस देखने को मिला. बीबीसी हिंदी ने पांचों राज्य के चुनाव और उसके नतीजों को समग्र दृष्टि से कवर करने की कोशिश की, हालांकि कुछ कमी भी रही होगी.

आपने हमारी वेबसाइट पर और सोशल प्लेटफॉर्म पर कई स्टोरी देखी होगी लेकिन हो सकता है कि कुछ स्टोरी पर आपकी नज़र नहीं गई हो. इसलिए बीते सप्ताह की ख़ास स्टोरी और विश्लेषण, हम आपके लिए एक ही जगह दे रहे हैं.

1. मोदीराज में सेक्युलर राजनीति की जगह नहीं

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नरेंद्र मोदी की नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी अखिल भारतीय स्तर पर अपने पांव मज़बूती से जमाती जा रही है. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जिस तरह से पार्टी को बहुमत मिला है, वह क्या भारतीय राजनीति में बदलाव का संकेत दे रही है. क्या है ये बदलाव, यहां पढ़िए.

2. मोदी के सबका साथ में कहां है मुसलमान

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उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने किसी मुसलमान को अपना प्रत्याशी नहीं बनाया और हिंदुत्व की राजनीति का चेहरा माने जाने वाले योगी आदित्यनाथ को पार्टी ने राज्य का मुख्यमंत्री भी बनाया है. ऐसे में मोदी के सबका साथ में मुसलमान कहां हैं, ये आकलन पढ़िए.

3. क्या कांग्रेस के लिए राहुल से बेहतर प्रियंका?

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कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में बहुत ख़राब रहा है. पार्टी के सीटों की संख्या महज सात पर सिमट गई. ऐसे में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं. क्या राहुल गांधी से बेहतर विकल्प कांग्रेस के पास है, आप ये नज़रिया यहां पढ़ सकते हैं.

4. मिलिए अमित शाह के 'पीके' से

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उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने 403 सीटों में 312 सीटों पर जीत हासिल की. सहयोगी दलों के साथ 425 सीट. इस कामयाबी का श्रेय बहुत हद नरेंद्र मोदी और अमित शाह को जाता है. लेकिन अमित शाह की रणनीति को ज़मीनी स्तर पर कामयाब किसने बनाया, यहां जानिए अमित शाह के 'पीके' के बारे में.

5. केजरीवाल क्यों नहीं मार पाए छक्का

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पांच राज्यों के चुनावी घमासान में आम आदमी पार्टी केवल दो जगह चुनाव मैदान में थी- पंजाब और गोवा. दोनों जगह पार्टी की दावेदारी को मज़बूती से देखा जा रहा था, पंजाब में पार्टी दूसरे स्थान पर रही लेकिन गोवा में पार्टी का खाता भी नहीं खुला. आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद से कमतर क्यों रहा, आकलन यहां पढ़िए.

6. पचास साल में पंजाब की पहली मुस्लिम मंत्री

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बीते पचास साल के दौरान पंजाब में कई सरकारें रहीं लेकिन किसी भी सरकार में कोई मुस्लिम मंत्री देखने को नहीं मिला. अमरिंदर सिंह ने अपनी सरकार में एक मुस्लिम को मंत्री को बनाया है, ख़ास बात ये है कि ये मंत्री एक महिला हैं, उनके बारे में जानना चाहते हैं, तो पढ़िए.

7. विश्वविद्यालय परिसरों में दलितों से भेदभाव?

बीते सप्ताह दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक दलित छात्र के कथित तौर पर ख़ुदकुशी कर लिए जाने का मामला सामने आया. इसे हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या से जोड़कर भी देखा गया, क्या वाकई में भारत के आला विश्वविद्यालयों में दलितों को भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है, इस पर बीबीसी हिंदी का फ़ेसबुक लाइव यहां देखिए.

8. 13 साल पहले हुआ महिलाओं का वो नग्न प्रदर्शन

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मणिपुर में 13 साल पहले कुछ महिलाओं ने नग्न होकर प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन को मीडिया में बहुत सुर्खियां मिली थी. लेकिन आज क्या स्थिति है उन 12 महिलाओं की जिन्होंने ये प्रदर्शन किया था या कहें उन्हें ऐसा करने के लिए मज़बूर होना पड़ा था. उन महिलाओं के हौसले की कहानी यहां पढ़ें.

9. भगवान से आपकी मुलाक़ात हुई थी अंतरिक्ष में?

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भारत की ओर से अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले इकलौते शख़्स राकेश शर्मा से यही सवाल सबसे ज़्यादा बार पूछा गया. 1984 में भारत की ओर से अंतरिक्ष यात्रा पर जाने वाले राकेश शर्मा इन दिनों क्या कर रहे हैं, अंतरिक्ष के दिनों के कैसे याद करते हैं, यहां पढ़िए.

10. ये छोरियां छोरों से कम हैं के

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आमिर ख़ान की फ़िल्म दंगल का ऐसा असर हुआ है कि हरियाणा में लड़कियां अब अखाड़ों में बड़ी संख्या में पहुंचने लगी है. पहलवानी को लेकर उनमें नया जोश देखने को मिल रहा है और कुछ कर गुजरने का हौसला भी. इन लड़कियों से आप यहां मिलिए.

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