डिफेंस में ही नहीं, सियासत में भी पौड़ी का डंका!

  • 21 मार्च 2017
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योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के, अजीत डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं, बिपिन रावत भारत के थल सेनाध्यक्ष और गुप्तचर एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी रॉ के प्रमुख अनिल धस्माना.

आप सोच रहे होंगे कि ये तो सभी को पता है, इसमें नया क्या है?

लेकिन इसमें कुछ ख़ास है और ये ख़ासियत है इन सभी का उत्तराखंड के एक ही ज़िले पौड़ी से होना.

पौड़ी लगभग 5,440 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है और इसकी आबादी करीब सात लाख की है.

इसे संयोग ही कहा जा सकता है कि मई 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद उत्तराखंड का यह ज़िला सर्वोच्च पदों पर यहाँ से जुड़े लोगों की नियुक्ति को लेकर चर्चा में रहा है.

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हालाँकि उच्च पदों पर बैठे उत्तराखंड के निवासियों की फेहरिस्त लंबी है.

तटरक्षक बल के चीफ़ राजेंद्र सिंह का ताल्लुक भी उत्तराखंड के चकराता से है और डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन (डीजीएमओ) अनिल भट्ट भी इसी सूबे के टिहरी जिले से हैं.

भारतीय वायु सेना में महानिदेशक (एयरक्राफ्ट) नियुक्त किए गए एयर मार्शल कुलदीप शर्मा भी उत्तराखंड के उधमसिंह नगर से आते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में सचिव भास्कर खुल्बे भी उत्तराखंड से आते हैं.

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Image caption विजह बहुगुणा, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री

बहरहाल, लौटकर पौड़ी की बात करते हैं जो उत्तर प्रदेश आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा सूबा है और इसके नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (मूल नाम अजय सिंह बिष्ट) पौड़ी के यमकेश्वर तहसील के पंचूर गांव से हैं.

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वो उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाले उत्तर प्रदेश के चौथे मुख्यमंत्री हैं. उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पंत का जन्म अल्मोड़ा में हुआ था. इनके अलावा हेमवती नंदन बहुगुणा (पौड़ी) और नारायण दत्त तिवारी (नैनीताल) भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे.

हाल ही में उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री बने त्रिवेंद्र सिंह रावत पौड़ी ज़िले के खैरासैण में ही पैदा हुए थे. हालाँकि ये बात किसी से छिपी नहीं है कि इस हिमालयी राज्य की सियासत में पौड़ी ज़िले का हमेशा से ही दबदबा रहा है और अब तक राज्य के नौ में से चार मुख्यमंत्री पौड़ी ज़िले से ही रहे हैं.

2007 के विधानसभा चुनावों के मुख्यमंत्री बने भुवन चंद्र खंडूरी पौड़ी के ही रहने वाले हैं, रमेश पोखरियाल निशंक और 2012 में कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री बने हेमवती नंदन बहुगुणा के पुत्र विजय बहुगुणा भी इसी ज़िले से आते हैं.

देश की रक्षा से जुड़े अहम पदों पर भी पौड़ी ज़िले में पैदा हुए लोग नियुक्त हैं.

अजीत डोभाल

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Image caption अजीत डोभाल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

पौड़ी जिले के छोटे से गांव बनेलस्यु में जन्मे अजीत डोभाल पीएम मोदी के खासमखास माने जाते हैं. राष्टीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल की शिक्षा अजमेर और आगरा से हुई. आगरा से उन्होंने एमए की शिक्षा हासिल की.

डोभाल 1968 बैच केरल काडर के आईपीएस बने और बाद में आईबी के चीफ़ भी रहे.

बिपिन रावत

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Image caption जनरल बिपिन रावत

आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत पौड़ी ज़िले के द्वारीखाल ब्लॉक में सैण गांव के मूल निवासी हैं. 11वीं गोरखा राइफल्स से आए रावत भारत प्रशासित कश्मीर में लंबे समय तक तैनात रहे हैं और चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कई अहम अभियानों का नेतृत्व किया है. उन्हें पूरे इलाके का विशेषज्ञ माना जाता है.

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अनिल धस्माना

नए रॉ चीफ अनिल धस्माना पौड़ी के तौली गांव में पैदा हुए. अनिल धस्माना को पाकिस्तान के बलूचिस्तान और इस्लामी आतंकवाद की गहरी जानकारी रखने वाला माना जाता है.

राजेंद्र सिंह

कोस्ट गार्ड प्रमुख पद पर भी इस वक्त उत्तराखंड के ही जवान का कब्जा है. राजेंद्र सिंह उत्तराखंड के चकराता से हैं. उन्होंने 2016 में ही कार्यभार संभाला था.

ये हैं योगी आदित्यनाथ के सिपहसालार

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