सवाल उठाने वाले आईपीएस के निलंबन पर अखिलेश का सवाल

  • 25 मार्च 2017
इमेज कॉपीरइट TWITTER/REUTERS

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाने वाले एक आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार को निलंबित कर दिया है.

हिमांशु कुमार ने सोशल मीडिया पर एक ख़ास जाति के पुलिसकर्मियों का ट्रांसफ़र करने और प्रताड़ित किए जाने का सवाल उठाया था.

एक ट्वीट में हिमांशु कुमार ने लिखा था, "डीजीपी दफ़्तर अधिकारियों को जाति के आधार पर लोगों को दंडित करने के लिए क्यों मजबूर कर रहा है?"

एक अन्य ट्वीट में हिमांशु कुमार ये भी लिखा कि किसी ने उनका ट्विटर अकाउंट हैक करने की कोशिश की है.

पढ़ें- रोमियो बदनाम हुआ, ओ यूपी तेरे लिए...

ऐसे काम कर रहा है एंटी रोमियो दस्ता

इमेज कॉपीरइट Twitter/Himanshu Kumar
Image caption 2010 बैच के आईपीएस हिमांशु कुमार अब तक छह ज़िलों में एसपी रह चुके हैं.

हिमांशु कुमार ने राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए उस बयान को भी रीट्वीट किया जिसमें उन्होंने कहा था, "मैं ये स्पष्ट करना चाहता हूं कि भारतीय जनता पार्टी धर्म या जाति के आधार पर किसी तरह का भेदभाव नहीं करती है."

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार को अनुशासनहीनता के लिए निलंबित किया गया है.

वहीं शनिवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मीडिया से सवाल किया, "एक ख़ास जाति के पुलिसकर्मियों को निलंबित या स्थानांतरित किया जा रहा है, क्या आप इस पर रिपोर्ट करेंगे?"

पढ़ें- सत्ता संभालते ही दिखने लगी योगी स्टाइल

प्रेमी जोड़ों को बचाएगी या धमकाएगी बीजेपी

ट्रांसफ़र

उत्तर प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद अधिकारियों के ट्रांसफ़र किए जा रहे हैं.

2010 बैच के आईपीएस अधिकारी अब तक छह ज़िलों में एसपी के पद पर तैनात रह चुके हैं.

सोशल मीडिया पर किए एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, "अंत में सच ही जीतता है."

बीबीसी ने जब पूरे मामले में उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे