नोएडा के नाइजीरियाई छात्र को विदेश मंत्री ने भरोसा दिलाया

  • 28 मार्च 2017

दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में सोमवार शाम एक विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने नाइजीरिया के तीन नागरिकों पर हमला किया और उन्हें घायल कर दिया.

पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ़्तार किया है और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस मामले पर यूपी सरकार से रिपोर्ट मांगी है.

एसोसिएशन ऑफ़ अफ़्रीकन स्टूडेंट्स इन इंडिया (एएएसआई) ने एक बयान जारी कर कहा है कि वो भारत में गंभीर होते नस्लवाद के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाएगा.

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एएएसआई के फ़ेसबुक पेज पर जारी किए गये बयान में कहा गया है, "हम भारत सरकार की ख़ुशामद और वादों से थक चुके हैं और इसलिए हम कुछ कड़े क़दम उठाएंगे."

पांच बिंदुओं वाले इस बयान के मुताबिक़, एएएसआई अफ़्रीकी यूनियन को भारत से सभी द्विपक्षीय व्यापार बंद करने को कहेगा.

भीड़ ने किया हमला

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ग्रेटर नोएडा पुलिस के मुताबिक़, हमलावरों की संख्या 25 से 30 के करीब थी. उन्होंने नाइजीरिया के नागरिकों की गाड़ियों और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की.

पुलिस के मुताबिक़, तीनों पीड़ित नाइजीरियाई नागरिकों को इलाज के लिए अस्पताल में दाख़िल कराया गया है. उनकी स्थिति ख़तरे से बाहर है.

पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ़्तार किया है.

सुषमा से ट्विटर पर मदद की गुहार

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भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है.

एक नाइजीरियाई छात्र ने विदेश मंत्री को ट्वीट करते हुए तत्काल कार्यवाही की मांग की तो जवाब में सुषमा स्वराज ने आश्वासन दिया.

नाइजीरियाई छात्र सादिक बेलो ने सुषमा स्वराज को ट्वीट करते हुए कहा, "नोएडा में रह रहे अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स के बारे में तेज़ी कार्रवाई करने की ज़रूरत है क्योंकि नोएडा में हमारी ज़िंदगी के लिए ख़तरा पैदा हो गया है."

सुषमा ने ट्विटर पर ही इसका जवाब देते हुए कहा, "भारत सरकार इस मुद्दे से अवगत है. हम तत्काल कार्रवाई कर रहे हैं."

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, "हमने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है और उन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है."

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ग्रेटर नोएडा के पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिनंदन ने बीबीसी को बताया, "बीती 25 मार्च को ग्रेटर नोएडा की एनएसजी सोसाइटी में रहने वाले मनीष नाम के एक युवक की रहस्यमय स्थितियों में मौत हो गई. मनीष के परिजन ने इस मामले में सोसाइटी में रहने वाले नाइजीरिया के पांच छात्रों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज़ कराई. मनीष के परिजनों ने आरोप लगाया है कि इन छात्रों ने मनीष को ड्रग्स या कोई ज़हरीला पदार्थ दिया था, जिसकी वजह से उनकी हालत त बिगड़ गई."

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क्षेत्राधिकारी अभिनंदन ने बताया कि मनीष की मौत को लेकर सोमवार शाम उनके परिजन और कुछ अन्य लोग ग्रेटर नोएडा के परी चौक के पास कैंडल मार्च निकाल रहे थे.

उन्होंने बताया, "मार्च में शामिल कुछ लोगों ने पास के एक मॉल में मौजूद नाइजीरिया के दो नागरिकों की पिटाई कर दी. उनकी गाड़ियां जलाने की भी कोशिश की गई. भीड़ ने नाइजीरिया के एक अन्य नागरिक के साथ भी मारपीट की. "

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Image caption फाइल चित्र

पोस्टमार्टम में मनीष की मौत के कारण की साफ जानकारी नहीं मिल पाई है, इसलिए मनीष का विसरा जांच के लिए भेजा गया है.

पुलिस के मुताबिक़, पूछताछ के दौरान ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है कि मनीष और नाइजीरिया के छात्रों के बीच कोई संपर्क था.

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