डेल्टा मेघवाल के भाई-बहनों की पढ़ाई छूटी

  • 29 मार्च 2017
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"हमारी सात पुश्तों में कोई पढ़ा-लिखा नहीं था, मेरी बेटी पढ़ रही थी और आगे बढ़ रही थी. उसे साज़िश के तहत ख़त्म कर दिया गया."

ये शब्द राजस्थान के बाड़मेर ज़िले में बीते साल 29 मार्च को संदिग्ध अवस्था में मृत पाई गई दलित छात्रा डेल्टा मेघवाल के पिता महेंद्र मेघवाल के हैं.

बाड़मेर के नोखा में टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ाई कर रहीं डेल्टा का शव कॉलेज में ही पानी टैंक में मिला था.

डेल्टा के परिवार का आरोप है कि उसकी बलात्कार के बाद हत्या की गई थी जबकि पुलिस ने अपनी चार्जशीट में इसे आत्महत्या कहा है.

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डेल्टा मेघवाल एक मेधावी छात्रा थीं. उनके पिता कहते हैं कि वो बहुत ईमानदार, मेहनती और होनहार थी और अपने दम पर आगे बढ़ रही थी.

हर मोर्चे से अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग उठाने वाले महेंद्र मेघवाल आज निराश हैं.

वो कहते हैं, "हमारा कभी न्यायालय से कोई काम नहीं पढ़ा था. हम अनजान और फूहड़ थे. हमें पता नहीं था कि न्याय व्यवस्था कैसे काम करती है. अब अभियुक्तों को ज़मानत मिल गई है. मुक़दमा एससी/एसटी कोर्ट में चल रहा लेकिन हमें न्याय की कोई उम्मीद नहीं है."

मेघवाल कहते हैं, "भले ही मेरी बेटी को न्याय न मिल पाए लेकिन मैं हमेशा उसे न्याय दिलवाने के लिए लड़ता रहूंगा."

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डेल्टा की मौत के बाद उनके बाक़ी भाई-बहनों की पढ़ाई पूरी तरह छूट गई है. महेंद्र मेघवाल कहते हैं कि बेटी की मौत के बाद परिवार इतना टूट गया है कि बाक़ी बच्चे भी पढ़ाई जारी नहीं रख पा रहे हैं.

डेल्टा का भाई वेटरनरी साइंस की पढ़ाई बीच में छोड़कर वापस आ गया है. कोटा में मेडिकल की तैयारी कर रहे दूसरे भाई और 11वीं की पढ़ाई कर रही बहन ने भी फिलहाल पढ़ाई छोड़ दी है.

मेघवाल कहते हैं, "पढ़ने के लिए मन की शांति और सुरक्षा के भाव की ज़रूरत होती है. हमारे पास ये दोनों ही अब नहीं हैं."

महेंद्र मेघवाल को लगता है कि उनकी बेटी को उसके दलित होने की वजह से 'मारा गया'. महेंद्र मेघवाल आरोप लगाते हैं, "मेरी बेटी को एक साज़िश के तहत ख़त्म कर दिया गया है. उसमें प्रतिभा थी. बाक़ी जाति के लोगों को लगा कि ये भविष्य में कुछ बड़ा कर सकती है इसलिए उसे ख़त्म कर दिया."

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वो कहते हैं, "मेरी बेटी स्वाभिमानी थी. आज मनुवादी ताक़तें हावी हो गई हैं. वो दलितों को आगे नहीं बढ़ने देना चाहते. आज बाबा साहेब का नाम लेने वालों को दफन किया जा रहा है."

डेल्टा की मौत के बाद कई बड़े प्रदर्शन हुए थे और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत बड़े सियासी नेता मेघवाल परिवार से मिलने पहुंचे थे.

राजस्थान सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा भी की थी लेकिन सीबीआई ने जांच अपने हाथ में नहीं ली थी.

पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया था जिनमें से दो की ज़मानत हो गई है.

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