राम मंदिर पोस्टर पर फ़ोटो, मौलाना नाराज़

  • 1 अप्रैल 2017
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अयोध्या में राम मंदिर बनाने को लेकर लगाए पोस्टरों पर महाराष्ट्र के एक मौलाना ने आपत्ति की है.

इन पोस्टरों में कुछ मुस्लिम धर्म गुरुओं की भी तस्वीरें हैं जिनके बारे में कहा गया है कि वे मंदिर बनाने को समर्थन देते हैं.

लेकिन पुणे के एक मौलाना ने आरोप लगाया है कि इस पोस्टर में बिना उनकी मर्ज़ी के उनकी फ़ोटो लगाई गई है.

इन पोस्टरों पर नारा था, ''हो जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण, मुस्लिमों का यही अरमान." पोस्टरों पर शहर के मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना शाहिब अहसन काज़मी के नाम का भी इस्तेमाल किया गया था.

काज़मी ने कहा, ''जब मुझे पता चला कि पोस्टर में मेरी तस्वीर है तो मैं परेशान हो गया. मुझसे बिना पूछे ही मेरी तस्वीर और नाम का इस्तेमाल किया गया. मैं इन लोगों को जानता तक नहीं हूं. इन्होंने अपने फ़ायदे के लिए ऐसा किया है. मामला जब कोर्ट में है इस मुद्दे पर कुछ कहने वाला मैं कौन होता हूं.''

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कहा जा रहा है कि इन पोस्टरों को लगाने के पीछे श्री राम मंदिर निर्माण मुस्लिम कार सेवक मंच के अध्यक्ष आज़म ख़ान का हाथ था.

आज़म खान ने इस आरोप पर कहा, "जहाँ तक उस पोस्टर की बात है, उसके बारे में मुझे नहीं पता. मैंने जो पोस्टर छपवाए थे उसमें सिर्फ मेरी तस्वीर है. अगर किसी पोस्टर पर मौलाना की तस्वीर छपी है तो इसकी जानकारी मुझे नहीं है क्योंकि मैंने ऐसा कोई पोस्टर नहीं छपवाया."

पोस्टरों पर छह ऐसे लोगों के नाम और तस्वीर थी जो मुस्लिम समुदाय के जाने-माने लोग थे. इन्हीं नामों में से मौलाना काज़मी का भी नाम था. मौलाना काज़मी ने कहा कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की है.

राम मंदिर दो साल में: सुब्रमण्यम स्वामी

राम मंदिर को लेकर शुक्रवार को बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई थी. इस सुनवाई के पहले ये पोस्टर लगाए गए थे. ऐसे ही पोस्टर उत्तर प्रदेश में भी लगाए गए. यूपी में भी इन पोस्टरों को मुस्लिमों के हवाले से ही लगाया गया था.

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