मध्य प्रदेश में भी चलेगा 'रोमियो के ख़िलाफ़ अभियान'

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उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद चलाए जा रहे 'एंटी रोमियो स्क्वॉड' की तर्ज़ पर मध्य प्रदेश में भी रोमियो विरोधी अभियान चलाने की तैयारी हो रही है.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका एलान करने के साथ-साथ महिलाओं का उत्पीड़न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने की घोषणा की है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि बलात्कार के दोषियों को मृत्युदंड दिए जाने के लिए एक विधेयक लाया जाएगा.

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शुक्रवार को भोपाल में मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के दीक्षांत समारोह के दौरान चौहान ने कहा कि 'नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार करने वालों को जेल की जगह मौत की सज़ा देने वाला विधेयक अगले मानसून सत्र में लाया जाएगा.'

मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य और देश के विकास की पहली शर्त है चुस्त दुरुस्त क़ानून व्यवस्था और यह पुलिस की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है. हम रोमियो के ख़िलाफ़ एक अभियान चलाएंगे."

उन्होंने कहा कि पास होने जाने के बाद इस विधेयक को राष्ट्रपति की मुहर के लिए केंद्र को भेजा जाएगा.

वर्तमान में भारतीय दंड संहिता के अनुसार रेप के दोषियों को सात साल से लेकर आजीवन कारावास तक सज़ा का प्रावधान है.

सबसे ज़्यादा बलात्कार मध्य प्रदेश में

शुक्रवार को ही भिंड के महापुर और अटेर (श्योढा) में उन्होंने संसदीय उपचुनाव के प्रचार के दौरान बलात्कारियों के ख़िलाफ़ कड़े क़ानून बनाए जाने की बात कही.

बलात्कार के मामले में मध्यप्रदेश का रिकॉर्ड बहुत बुरा रहा है. राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक़, मध्यप्रदेश में 2014 और 2015 क्रमशः 5076 और 4391 मामलों के साथ शीर्ष पर था.

सर्वाधिक रेप मामलों में राजस्थान और उत्तर प्रदेश का स्थान दूसरा और तीसरा रहा है.

इससे पहले भी शिवराज सिंह चौहान इस पर लगाम लगाने के लिए उपाय किए जाने की बात कह चुके हैं.

मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल होने वाले हैं और महिला सुरक्षा के मामले में चौहान सरकार के हाथ कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं हो पाई है.

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