बहराइच में मवेशियों की क़ब्रें मिलने से हड़कंप

  • 1 अप्रैल 2017
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Image caption बहराइच में पशुओं की क़ब्रों का पता चलने से लोगों में गुस्सा है

बहराइच के ज़िला प्रशासन ने एक डॉक्टर के फ़ार्म हाउस पर छापा मार कर बड़ी तादाद में मवेशियों की क़ब्रों का पता लगाया है.

स्थानीय लोगों की शिकायत पर प्रशासन ने फ़ार्म हाउस पर छापा मारा. मवेशियों की क़ब्रों के अलावा दर्जनों ज़िंदा गायें और बछड़े भी मिले हैं.

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बहराइच के अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी और एसडीएम कैसरगंज अमिताभ यादव की अगुवाई में पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम ने फार्म हाउस पर छापा मारा.

छापे में कई तरह की आयुर्वेदिक दवाओं के पैकेट, कैप्सूल, टैबलेट वगैरह भी पाए गए हैं.

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Image caption पुलिस ने कई तरह की आयुर्वेदिक दवाएं भी बरामद की हैं

आशंका जताई जा रही है कि दवाइयां बनाने के लिए इन पशुओं का इस्तेमाल किया जाता था.

प्रशासन ने फ़ार्म हाउस को कब्ज़े में ले लिया है. क़ब्रों को खोदकर उसमें दफ़न पशु कंकालों को निकाला जा रहा है ताकि पता चल सके कि ये शव किन पशुओं के हैं.

अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी का कहना है कि अभी तक पांच क़ब्रें खोदी जा चुकी हैं. इनमें दफ़न सभी शव गायों के ही हैं.

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Image caption फ़ार्म हाउस में गायें और बछड़े भी बरामद हुए

दिनेश त्रिपाठी ने बीबीसी से कहा, "डॉक्टर जेएन मिश्र ने यहां अस्थाई गोशाला बना रखी थी. बाहर के लोग अपनी उन गायों को यहां छोड़ जाते थे, जो दूध नहीं देती थीं."

उन्होंने आगे कहा, "यहां जितना संभव होता था, गायों को चारा मिलता था और फिर मरने के बाद उन्हें यहीं दफ़न कर दिया जाता था. इसी से कुछ लोगों को शक हुआ, लेकिन हर पहलू की जांच की जा रही है."

डॉक्टर जेएन मिश्र बहराइच के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी यानी एसीएमओ हैं और फ़ख़रपुर थाना क्षेत्र के बुबकापुर गांव में उनका फ़ार्म हाउस है.

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Image caption डॉक्टर जेएन मिश्र बहराइच के जिला अपर चिकित्साधिकारी हैं

कुछ स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दी थी कि यहां गायों को मारकर दफ़ना दिया जाता है. उसके बाद ही प्रशासन ने यह कार्रवाई की है.

छापे के दौरान पशु चिकित्सा विभाग की टीम भी मौजूद थी. इस दौरान फ़ार्म हाउस के एक कमरे में कई तरह की दवाएं भी मिली हैं .

आशंका जताई जा रही है कि या तो गोमूत्र से या पशुओं के दूसरे अंगों से ये दवाएं बनाई जाती थीं.

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Image caption स्थानीय लोगों की शिकायत पर ज़िला प्रशासन ने छापा मारा

दिनेश त्रिपाठी कहते हैं, "ड्रग इंस्पेक्टर और दूसरे विशेषज्ञ इन दवाओं की जांच कर रहे हैं. मवेशियों को क़ब्र से निकालने के बाद उनका पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा और तभी वास्तविक सामने आ सकेगी."

छापे के बाद प्रशासन ने पूरे फार्म हाउस को सील कर वहां पुलिस तैनात कर दिया है. त्रिपाठी ने बताया कि फ़ार्म हाउस से 45 गायें और 11 बछड़े भी मिले हैं.

स्थानीय लोगों की शिकायत पर डॉक्टर जेएन मिश्र के ख़िलाफ़ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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