फ़ैज़ाबाद में मूर्ति लगाने पर हुई सांप्रदायिक झड़प

  • 2 अप्रैल 2017
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Image caption एक खाली पड़े चबूतरे पर मूर्ति रखने के बाद हुआ विवाद

फ़ैज़ाबाद के गोसाईंगंज इलाक़े में एक चबूतरे पर मूर्ति लगाने को लेकर हुए विवाद और झड़प में कई लोगों को चोटें आई हैं. इस मामले में पुलिस ने 20 लोगों को हिरासत में लिया है.

फ़ैज़ाबाद के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कुलदीप नारायण ने बीबीसी को बताया, "गोसाईंगंज के दिलासीगंज क़स्बे में एक खाली पड़े चबूतरे पर कुछ लोगों ने मूर्तियां रख दीं और रविवार को सुबह वहां महिलाएं गाना गाने लगीं. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस पर ऐतराज किया और फिर पथराव भी किया.''

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कुलदीप ने बताया, ''उसके बाद हिन्दू समुदाय के लोगों की ओर से भी पथराव किया गया. जानकारी मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और शांति कायम करने के बाद दोनों पक्षों के बीस लोगों को थाने ले आई."

कुलदीप नारायण ने बताया कि स्थिति फ़िलहाल शांत है, लेकिन एहतियात के तौर पर दो कंपनी पीएसी और कई थानों की पुलिस अभी भी दिलासीगंज में तैनात है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक समेत ज़िले के तमाम आला अधिकारियों ने वहां पहुंचकर मामले को शांत कराने की कोशिश की है.

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Image caption खाली पड़े चबूतरे पर एक समुदाय की महिलाओं ने शुरू कर दी थी पूजा-अर्चना

पथराव में दोनों पक्षों के कई लोगों को मामूली चोटें भी आई हैं. स्थिति को सँभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा.

पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कुलदीप नारायण के मुताबिक़ खलिहान की ज़मीन पर काली मां का एक चबूतरा बना है. यहां कुछ महिलाएं कभी-कभी जल चढ़ाती थीं. उनका कहना था कि इसके अलावा यहां पर किसी तरह का पूजा-पाठ नहीं होता था और न ही ये मंदिर जैसा है, बल्कि केवल चबूतरा है.

चबूतरे के सामने एक मदरसा भी है, लेकिन कुलदीप नारायण का कहना था कि विरोध की वजह ग़ैरपरंपरागत तरीक़े से वहां पूजा-पाठ करना था.

उन्होंने बताया, "मुस्लिम इसलिए विरोध कर रहे हैं कि जब यहां कभी पूजा नहीं हुई तो अब कैसे होने लगी, जबकि हिन्दुओं का आरोप है कि इसी चबूतरे की ओर मुस्लिम परिवारों ने जल निकासी के लिए नाली बना रखी है जिससे यहां गंदगी रहती है."

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