छात्रों ने लगाया जातिसूचक गालियों का आरोप

ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी से 6 छात्रों को निलंबित किया गया है. निलंबित होने वाले छात्र है- सूरज राजौरिया, रायसिंह, संदिप सिंह मौर्य, कुलदीप इटौरिया, प्रदीप जौधपुरिया एवं छात्रा सुमन राहुल अहिरवार.

ये सभी छात्र लॉ फैक्लटी से हैं और अनुसूचित जाति की श्रेणी में आते हैं. इन सभी छात्रों को कथित दुर्व्यवहार के आरोप में निलंबित किया गया है.

प्रोफेसर डॉ गणेश दुबे के पत्र के आधार पर विश्वविद्दायालय नें इन सभी छात्रों का निलंबन किया गया है.

31 मार्च को कुछ छात्र-छात्राएँ आपने विभागाघ्यक्ष प्रोफेसर डॉ गणेश दुबे से अंबेदकर से जुड़े कार्यक्रम के लिए अनुमति माँगने गए थे.

ग़लत बर्ताव का आरोप

छात्रों का आरोप है कि डॉ गणेश दुबे ना सिर्फ कार्यक्रम की अनुमति देने से मना कर दिया बल्कि डॉ अंबेडकर, ज्योतिबा फुले और छात्रों को कथित तौर पर जाति सूचक गालियाँ देते है हुए बाहर कर दिया.

निलंबित होने वाली एक छात्रा सुमन राहुल अहिरवार बीबीसी को बताती हैं " गणेश दुबे सर से जब हमने कार्यक्रम के लिए बात की वे एकदम उखड़ गए. वह कहने लगे कि क्या बाबा साहेब बाबा सहेब लगा रखा है, आखिर हमारी क्या गलती थी हम तो बाबा साहेब अंबेडकर और ज्योतिबा फुले पर एक क्विज़ ही तो करना चाहते थे, खुद सरकार भी तो प्रोग्राम कराती है बाबा साहेब पर. "

निलंबित होने वाले दूसरे छात्र सूरज का आरोप है कि युनिवर्सिटी में एससी, एसटी, ओबीसी के साथ-साथ प्रोफेसरों के साथ भी भेदभाव होता रहा है और अक्सर आरक्षण लेने की वजह से मजाक का पात्र बनाया जाता है.

आरोपों की की पुष्टि के लिए जब बीबीसी ने प्रोफेसर डॉ गणेश दुबे से बात की तो उन्होनें कहा कि छात्रों और डॉ अंबेडकर को जाति सूचक गालियाँ नहीं दी.

वह कहते हैं " सर हमें अंबेडकर और इन बच्चों से कोई परहेज़ नहीं है, पिछले साल नवंबर में ही मैनें अंबेडकर पर प्रोग्राम करवाया था, हमारे कॉलेज में 11 को कई प्रोग्राम हैं इसलिए हमने बच्चों से कहा कि हम कमेटी में आपकी बात रखेगें, बाकि आगे का फैसला उन्हीं के हाथों में है, छात्र जानबूझ कर मामले को सामाजिक रंग देने में लगे हैं "

छात्रों पर हैं आरोप

प्रोफेसर गणेश दुबे के मुताबिक छात्रों नें उनके साथ बुरा बर्ताव किया और परिसर में खडी़ एक कार का काँच तोड़ दिया.

उनका कहना है कि प्रॉक्टार प्रोफेसर आर. ए. शर्मा के साथ कथित तौर पर मारपीट भी की गई जिसके आधार पर 1 अप्रैल को उन्होनें विश्वविद्दयालय थाने में सीमा पाराशर, सुमन राजौरिया, प्रदीप जौधपुरिया, सुमन अहिरवार, रायसिंह एवं अन्य के उपर धारा 294,506,332,353,147 एवं 149 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की है.

वहीं जीवाजी यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर डॉ संगीता शुक्ला बताती है " हमने मामले की जाँच के लिए 6 प्रोफेसरों की एक उच्च स्तरीय जाँच कमेटी बिठा दी है, इस मामले में उनकी जो भी सिफारिश होगी हम उसका सम्मान करगें, लेकिन हम छात्रों के प्रति खुले तौर पर पेश आएगें, हम नहीं चाहते हैं कि किसी भी छात्र की ज़िंदगी खराब हो "

दुसरी और छात्रों नें भी प्रोफसरों के खिलाफ 2 अप्रैल को विश्वविद्दयालय थाने में धारा 354,323,294,506 तथा एसी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) द,घ,फ,ब(1) के अंतर्गत प्रोफेसर डॉ गणेश दुबे एवं प्रोफेसर आर.ए शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है.

एक अप्रैल से ही भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की स्थित नाज़ुक होने के कारण बुधवार शाम उन्हें ग्वालियर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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