प्रेस रिव्यू- 'गर्भवती पत्नी और बच्चे के हत्यारे को फांसी से इनकार'

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट ने दहेज के लिए गर्भवती पत्नी और बेटे को जलाने वाले एक व्यक्ति को मिली फांसी की सज़ा को बरकरार रखने से इनकार कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए कहा कि फांसी की सज़ा न्यायपालिका से सुधार के सिद्धांत के विरुद्ध है.

ये मामला रेयरेस्ट ऑफ़ रेयर में आता है लेकिन अदालत ने इसे अलग पहलू से देखा है.

अदालत ने कहा, " हमने देखा है कि न्याय आयोग ने चरमपंथ से जुड़े अपराध और युद्ध छेड़ने के मामले छोड़कर बाकी सभी अपराधों में फांसी की सज़ा ख़त्म करने की सिफ़ारिश की है."

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वंदे मातरम पर एतराज चिंता का विषय

टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने लिखा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वंदे मातरम गाने पर एतराज़ करना चिंता का विषय है.

हाल ही में उत्तर प्रदेश के मेरठ नगर निगम के कुछ कॉरपोरेटरों ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया था जिसके बाद इसे लेकर विवाद हुआ था.

योगी आदित्यनाथ राज्यपाल राम नाइक के कानूनी सलाहकार एस एस उपाध्याय की किताब के विमोचन कार्यक्रम में पहुंचे थे जहां उन्होंने वंदे मातरम विवाद पर अपनी राय रखी.

हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में लगातार दूसरे साल प्रवेश के लिए अर्ज़ियों में कमी आई है.

जेएनयू में पिछले साल के मुकाबले 18 फ़ीसदी कम अर्ज़ियां आई हैं. करीब 60 हज़ार अर्ज़ियां इस साल आईं जबकि पिछले साल 74 हज़ार आवेदन आए थे.

2015 में करीब 80 हज़ार लोगों ने जेएनयू में प्रवेश के लिए अर्ज़ी दी थी और हाल ही में मानव संसाधन मंत्रालय ने जेएनयू को देश का दूसरा सबसे अच्छा विश्व विद्यालय घोषित किया था.

जेएनयू कई विवादों को लेकर पिछले कुछ समय में चर्चा में रहा है.

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दैनिक भास्कर ने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा है कि चुनावी वायदों को लेकर राजनीतिक पार्टियों की ज़िम्मेदारी तय हो.

चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने शनिवार को कहा कि चुनावी वादे अक्सर पूरे नहीं किए जाते हैं और घोषणा पत्र सिर्फ कागज का एक टुकड़ा बन कर रह जाता है.

उन्होंने कहा कि जब वादे पूरे नहीं होते हैं तो पार्टियां आम सहमति न होने का बहाना बनाती हैं.

जनसत्ता ने लिखा है कि चीन में एक डॉक्टर ने 28 घंटे तक लगातार पांच लोगों को ऑपरेशन किया, जब उनका काम खत्म हुआ तो वो डॉक्टर इतना थक गए थे कि ऑपरेशन थियेटर के बाहर ही फर्श पर सो गए.

इसी दौरान किसी ने सोते हुए डॉक्टर की तस्वीर खींच ली और चीन के माइक्रो ब्लागिंग साइट वीबो पर डाल दी लेकिन जैसे ही इस डॉक्टर की ये तस्वीर लोगों तक पहुंची वे लु हेंग नाम के इस डॉक्टर की खूब तारीफ करने लगे.

चीन के अख़बार पीपुल्स डेली के सोशल मीडिया अकाउंट के मुताबिक ये तस्वीरें चीन के अनहुई प्रांत के डिंगयुआन शहर के एक अस्पताल में ली गई हैं.

इस डॉक्टर ने रात भर लोगों की सर्जरी की और उसके अगले सुबह भी तीन लोगों का ऑपरेशन किया.

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