क्या क़ानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे हैं योगी?

इमेज कॉपीरइट PTI

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की तमाम हिदायतों के बावजूद राज्य में क़ानून व्यवस्था की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है. यहां तक कि पिछले दो दिन के भीतर बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कई जगह झड़पें हुईं और दो पुलिसकर्मियों की हत्या तक हो चुकी है.

मेरठ में बीजेपी के नेता संजय त्यागी और उनके साथी कार्यकर्ताओं ने सड़क से लेकर थाने तक हंगामा किया और आरोप है कि पुलिसकर्मियों को मारा-पीटा भी. पुलिसवालों की ग़लती ये थी कि उन्होंने काली फ़िल्म और हूटर लगे होने पर उनके बेटे की गाड़ी का चालान कर दिया था.

मेरठ के नगर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी घटना की वजह बताते हैं, "हूटर लगी गाड़ी को रोकने पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता का बेटा कहने लगा कि जानते नहीं हो हम कौन हैं. पुलिस वालों ने थाने चलने को कहा तो अपने पिता को फ़ोन करके कई नेताओं को बुला लिया और थाने पर नारेबाज़ी करते रहे."

यूपी में दो बहनों का बलात्कार और हत्या

उठ रहे हैं सवाल

इमेज कॉपीरइट Reuters

पुलिस के साथ झड़प और हमले की ये अकेली घटना नहीं है. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की बार-बार की चेतावनी के बावजूद कार्यकर्ता जोश में होश खो रहे हैं और क़ानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

पिछले दो दिनों के भीतर ही ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं. शनिवार को प्रतापगढ़ में एक पुलिस कांस्टेबल की दिन में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई.

फ़िरोज़ाबाद में कुछ लोगों ने एक बड़ी गाड़ी से एक सिपाही को कुचल डाला. बताया गया कि ऐसा खनन माफिया के इशारे पर किया गया. शनिवार को ही वाराणसी में सर्राफ़ा व्यापारी के यहां करोड़ों रुपए लूट लिए गए.

हिंदू युवा वाहिनी

इमेज कॉपीरइट SAMIRATMAJ MISHRA

गोरखपुर में चर्च में प्रार्थना को ये कहकर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने रुकवा दिया कि वहां धर्मांतरण हो रहा था. हालांकि बाद में पुलिस ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया, लेकिन वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने प्रार्थना नहीं होने दी और अपने आरोप पर क़ायम रहे.

गोरखपुर में रविवार को टोल प्लाज़ा के पास एक व्यक्ति को गाड़ी में बांधकर ज़िंदा जला दिया गया. इस तरह की कई घटनाएं ऐसी हैं जो नई सरकार के क़ानून-व्यवस्था दुरुस्त करने संबंधी दावों को धता बता रही हैं.

क्या है योगी आदित्यनाथ की हिंदू युवा वाहिनी

यही नहीं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कथित तौर पर धमकाते हुए बीजेपी नेताओं के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. बावजूद इसके नेता पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगा रहे हैं. मेरठ में जिस बीजेपी नेता संजय त्यागी की पुलिसवालों से झड़प हुई, उनका आरोप है कि अधिकारी अभी भी पुरानी सरकार के हमदर्द बने हुए हैं.

सपा का आरोप

लेकिन समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी इन घटनाओं को राज्य सरकार की नाकामी बताते हैं. राजेंद्र चौधरी का कहना है कि क़ानून-व्यवस्था के मामले में ये सरकार अब तक बिल्कुल नकारा साबित हुई है और अपनी कमज़ोरी छिपाने के लिए ऐसी बातें की जा रही हैं.

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार पर भी लगते रहे थे क़ानून-व्यवस्था में गड़बड़ी के आरोप

सरकार को काम-काज सँभाले अभी एक महीना भी नहीं हुआ है और क़ानून-व्यवस्था उसकी प्राथमिकता रही है. बावजूद इसके आए दिन हत्या, लूटपाट, बलात्कार जैसी घटनाएं हो रही हैं.

आखिर क्यों नहीं रुक पा रही हैं ये घटनाएं, इस सवाल के जवाब में राज्य सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा कहते हैं कि फ़िलहाल देखा जा रहा है कि अधिकारियों का रवैया कैसा है?

श्रीकांत शर्मा के मुताबिक किसी को भी क़ानून को हाथ में लेने की छूट नहीं दी जाएगी, लेकिन अधिकारियों से भी यही उम्मीद है कि वो किसी का उत्पीड़न न करें.

बहरहाल, अब तक की स्थिति देखकर तो यही लगता है कि सरकार की प्राथमिकता अगर क़ानून-व्यवस्था है तो उसे चुनौती भी सबसे ज़्यादा यहीं से मिल रही है. हालांकि पुलिस के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं का जगह-जगह उलझना पार्टी नेताओं को भी असहज कर रहा है.

अब देखना ये है कि बीजेपी के लिए 'पार्टी विद डिफ़रेंस' का नारा का भूल चुके इन कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी 'गवर्नमेंट विद डिफ़रेंस' का पाठ पढ़ा पाते हैं या नहीं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे