कुलभूषण को कहां रखा गया है इस बारे में भारत को पाकिस्तान ने कोई जानकारी नहीं दी

  • 13 अप्रैल 2017
कुलभूषण जाधव इमेज कॉपीरइट AAMIR QURESHI/AFP/GETTY IMAGES

साल भर पहले पाकिस्तान में गिरफ्तार किए गए कुलभूषण जाधव को वहाँ की एक मिलिट्री कोर्ट ने मौत की सज़ा सुनाई है, इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तान में चलाई गई तथाकथित कानूनी कार्रवाई एक मज़ाक है.

जाधव को पाकिस्तान ने पिछले साल गिरफ़्तार किया था और उन पर पाकिस्तान ने भारत के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया था.

संसद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि कुलभूषण को फांसी दी गई तो इसे भारत एक सुनियोजित हत्या मानेगा.

उन्होंने कहा था कि जाधव को वापस लाने के लिए वो सब कुछ करेंगे जो बन पड़ेगा.

कुलभूषण जाधव के बारे में जो अभी तक पता है

भारत के कथित जासूस कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में मौत की सज़ा

'भारतीय नागरिक को प्रताड़ित कर रहा है पाक'

अब तक हम क्या जानते हैं कुलभूषण जाधव मामले में

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गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने एक प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें कुलभूषण यादव के मसले पर फिर से पाकिस्तान पर निशाना साधा

  • कुलभूषण जाधव एक निर्दोष भारतीय है जिनका अपहरण किया गया था. जब हमें पता चला था कि उन्हें ग़ैरकानूनी तौर पाकिस्तान में रखा गया है तब पाकिस्तान को एक साल मार्च में जानकारी दी गई थी कि वो पूर्व नौसैनिक हैं .
  • वो पाकिस्तान में कैसे मौजूद हैं, उन्हें अगवा कर पाकिस्तान ले जाया गया और तब से वो वहां पर हैं.
  • हमने पिछले साल से अब तक पाकिस्तान से 13 बार कॉन्सुर भेंट (Consular access) की अनुमति मांगी लेकिन हमें पाकिस्तान ने इसकी अनुमति नहीं दी.
  • कॉन्सुलर भेंट नहीं हो पाने की वजह से उनकी स्थिति के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता.
  • पाकिस्तान ने भी भारत को कोई जानकारी नहीं दी है कि कुलभूषण जाधव कहां है, किस स्थिति में हैं.
  • विदेश मंत्री ने भी 11 अप्रैल को कुलभूषण जाधव के बारे में बयान दिया था. इससे पहले 10 अप्रैल को पाकिस्तानी राजदूत को तलब किया गया था. पाकिस्तानी सरकार को ये पहले ही बता दिया गया था कि कुलभूषण जाधव का अपहरण किया गया, उनके खिलाफ़ कोई ठोस सबूत नहीं है, कुलभूषण जाधव पर मनगढ़त आरोप बेबुनियाद हैं. भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि पाकिस्तान में तथाकथित कानूनी प्रक्रिया जो चलाई गई उसकी कोई वैधता नहीं है और न ही वो पारदर्शी है. इसके अलावा 13 बार अनुमित मांगने पर कॉन्सुलर भेंट की अनुमति नहीं देने के बाद अगर सैन्य अदालत की तरफ़ से दिए गए फ़ैसले को लागू किया गया तो भारत इसे सुनियोजित हत्या मानेगा.
  • कॉन्सुलर भेंट नहीं करने देना ही इस बात का संकेत है कि कुलभूषण जाधव पर जो आरोप लगाए गए हैं उनकी सच्चाई क्या है, कुलभूषण पर आरोप बेबुनियाद हैं.
  • विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार ने इस साल कुलभूषण जाधव के मामले में जांच में भारत से मदद मांगी थी.
  • कुलभूषण के मामले में जो कुछ हुआ है वो कानून की मूलभूत धारणाओं के खिलाफ़ है और अंतरराष्ट्रीय मान्यताओं के भी ख़िलाफ़ है.
  • चाबहार के क्षेत्र में कानूनी ढंग से व्यवसाय कर रहे थे, ईरान की सरकार को पिछले साल इस पूरे मामले में अवगत कराया गया है, लेकिन ईरान इस मामले की जांच कर रहा है इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.
  • जाधव की नकली पहचान और पासपोर्ट के बारे में कहा नहीं जा सकता क्योंकि भारत को कॉन्सुलर भेंट नहीं दी गई है.
  • तथाकथित जासूस अपनी जेब में अपने देश का वैध पासपोर्ट रखकर किसी मिशन पर जाएगा, इसमें कोई तथ्य नहीं है, ये एक दुर्भाग्यपूर्ण बात है.
  • किसी तीसरे पक्ष को नहीं शामिल किया गया है क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच कॉन्सुरल भेंट को लेकर द्वीपक्षीय समझौता है लेकिन पिछले एक साल में 13 बार अनुमति मांगी गई जो नहीं मिली है.

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