प्रेस रिव्यू: जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा ने 'वीडियो' पर सेना से तुरंत कदम उठाने को कहा

  • 16 अप्रैल 2017
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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सेना से कश्मीरी व्यक्ति को जीप से बांधकर घुमाने के वीडियो की जाँच जल्द कराने की मांग की है. इस मुद्दे पर महबूबा ने शनिवार को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत से मुलाक़ात की और दोषी सैनिकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की. अख़बार के मुताबिक महबूबा ने कहा, "नुक़सान की भरपाई के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं. डंडे से कुछ नहीं निकलेगा."

हिन्दुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि शुक्रवार को पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. पाकिस्तान पुलिस ने दावा किया है कि ये तीनों भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के एजेंट हैं. पाकिस्तानी अख़बार डॉन के मुताबिक़ इन तीनों पर एक पुलिस स्टेशन पर बम धमाके का आरोप भी लगाया गया है. पाकिस्तान पुलिस ने संदिग्धों के नाम मोहम्मद खलील, इम्तियाज़ और राशिद बताए हैं. पुलिस के मुताबिक ये तीनों अब्बासपुर के तरोती गांव के रहने वाले हैं. तीनों को मास्क पहनाकर पाकिस्तानी मीडिया के सामने पेश किया गया.

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इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी(आईआईटी) ने छात्र-छात्राओं का अनुपात सही करने के लिए 2018 से छात्राओं के लिए सीटें बढ़ाने का फैसला किया है. इस फ़ैसले के तहत अतिरिक्त 20 फ़ीसदी सीटें सिर्फ़ छात्राओं के लिए बढ़ाई जाएंगी. ये फैसला शनिवार को ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड में लिया गया. सभी आईआईटी में यह कोटा तीन सालों में बढ़ाना होगा. इसके तहत पहले साल 2018 में 14 फीसदी अतिरिक्त सीट तो दूसरे साल 2019 में 17 फीसदी और तीसरे साल 2020 में 20 फ़ीसदी तक सीटें बढ़ाई जाएंगी.

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द हिंदू ने लिखा है कि कुलभूषण जाधव के मामले में भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि उनका अगला क़दम जाधव के परिवार की तरफ़ से सज़ा के ख़िलाफ़ अपील और दया याचिका दायर करना होगा. पाकिस्तान ने जाधव से भारतीय उच्चायोग के संपर्क को लेकर भारत के 14वें प्रयास को भी शुक्रवार को ख़ारिज कर दिया था.

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जनसत्ता ने लिखा है कि शनिवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में तय किया गया कि देश में शरीयत क़ानूनों में किसी तरह की दख़लअंदाज़ी को सहन नहीं किया जाएगा. अखबार का कहना है कि बोर्ड में दावा किया गया है कि हिन्दुस्तान के ज़्यादातर मुसलमान मुस्लिम पर्सनल लॉ में किसी तरह का बदलाव नहीं चाहते.

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