क्या शौचालय को लेकर महिला की हत्या हुई?

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उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद शहर में घनी आबादी वाले क़स्बेनुमा मोहल्ला है अजमेरी गेट.

तीन दिन पहले यहां मामूली सी बात पर एक बड़ी वारदात हो चुकी है और आस-पास के घरों में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है.

बस्ती के ज़्यादातर मकान दो कमरों के बिना प्लास्टर किए हुए घर हैं. एक घर कासिम का भी है जहां ताला लटका हुआ है. शुक्रवार को कासिम ने अपनी ही पत्नी नाज़रीन की गर्दन रेतकर हत्या कर दी थी.

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पड़ोसी उषा बताती हैं, "सुबह से ही लड़ाई हो रही थी. क्यों हो रही थी, ये पता नहीं. कुछ लोग ये भी बता रहे हैं कि घर में पुलिस भी आई थी. अब पता नहीं क्यों मार डाला कासिम ने उसे."

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एक अन्य पड़ोसी बब्लू मियां कहते हैं, "वजह थी शौचालय, वो इसे बनवाने की ज़िद अक़्सर किया करती थी. बाहर जाने में उसे अच्छा नहीं लगता था. इसी वजह से झगड़ा हुआ. लोग तो बताते हैं कि वो पुलिस लेकर भी आई थी."

लेकिन पुलिस का कहना है कि ये घरेलू विवाद था और दहेज हत्या में कासिम के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है. फ़िरोज़ाबाद के एसपी सिटी संजीव वाजपेयी कहते हैं, "शौचालय वाली बात नहीं है. पति-पत्नी का झगड़ा था. एफ़आईआर में भी ये बात नहीं कही गई है."

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स्थानीय पत्रकार अमन जैन इसकी वजह बताते हैं, "घटना वाले दिन तो सबने यही बताया कि शौचालय के लिए झगड़ा हुआ और कासिम ने अपनी बीबी की हत्या कर दी. लेकिन पुलिस के डर से अब सब चुप हैं."

ट्रांसजेंडरों के लिए अलग शौचालय

जहां तक शौचालय की बात है, तो कासिम के एक कमरे वाले घर के बाहर कुछ पर्दे लगाकर शौचालयनुमा एक कच्चा निर्माण किया गया है लेकिन पड़ोसी बताते हैं कि ये इस्तेमाल करने लायक़ नहीं है.

बब्लू मियां कहते हैं, "यहां किसी के भी घर में शौचालय नहीं है. सरकारी शौचालय के लिए सबने फॉर्म भर रखे हैं लेकिन आज तक कुछ नहीं आया जबकि पैसे भी दिए गए हैं उसके लिए."

बस्ती के ज़्यादातर लोग ग़रीब हैं. ये सभी या तो अपने घरों में ही चूड़ियां बनाते हैं या फिर बाहर मज़दूरी करते हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां शौचालय के लिए और भी कई बार झगड़े-फ़साद हो चुके हैं. कई औरतों ने बिना शौचालय के घर में न आने की बात तक कह दी. लेकिन जिनके पास पैसे हैं और वो ख़ुद बनवा सकते हैं, जिनके पास नहीं है वो कहां से बनवाए?

पुलिस ने हत्या की इस घटना के पीछे दहेज को कारण माना है और इसकी शिकायत अलीगढ़ में रहने वाले नाज़रीन के घर वालों की ओर से लिखाई गई है.

नाज़रीन और कासिम के दोनों बच्चे फ़िलहाल बस्ती के ही लल्ला नाम के एक व्यक्ति के पास हैं. एक बेटी की उम्र क़रीब तीन साल है जबकि दूसरी बेटी शायद एक साल की भी नहीं है. लोगों के मुताबिक़, नाज़रीन की उम्र भी अभी बीस-बाइस साल के ही आस-पास थी.

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बहरहाल, कासिम और उससे अलग रहने वाले उसके माँ-बाप और परिवार के दूसरे लोग भी फ़रार हैं. पुलिस दहेज हत्या के मामले में कासिम को ढूंढ़ रही है.

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