'पार्टी से अलग किए गए शशिकला और दिनाकरण'

इमेज कॉपीरइट AFP

तमिलनाडु में एक ताज़ा घटनाक्रम में शशिकला और टीटीवी दिनाकरण परिवार को अन्नाद्रमुक से अलग करने का फ़ैसला किया गया है.

वित्त मंत्री डी जयकुमार ने देर रात तक चली बैठक के बाद ये जानकारी दी.

शशिकला ने चाहा

शशिकला का सपना और हक़ीक़त

शशिकला के मामले में कब क्या हुआ

शशिकला दोषी करार, पलनीसामी नए नेता

उन्होंने बताया कि 20 मंत्रियों के एक ग्रुप ने पार्टी कैडर और अधिकारियों की राय लेने के बाद ये फ़ैसला किया है. जयकुमार के मुताबिक़ इस परिवार ने जयललिता की मौत के बाद पार्टी को अपने नियंत्रण में ले लिया था.

जयललिता की मौत के बाद से ही पार्टी में खींचतान चल रही है और अन्नाद्रमुक में दो फाड़ हो चुका है. एक का नेतृत्व शशिकला के पास है, लेकिन वे आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल में हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

शशिकला की ग़ैर मौजूदगी में उप महासचिव दिनाकरण पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं. दूसरे गुट का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम कर रहे हैं.

मंगलवार को सारा दिन ऐसा लग रहा था कि अन्नाद्रमुक में दो गुटों के बीच खींचतान में ओ पनीरसेल्वम का गुट हार रहा है.

वो इसलिए क्योंकि पनीरसेल्वम की मांग को मुख्यमंत्री ई पलनीसामी के गुट में कोई मानने के लिए तैयार नहीं लग रहा था.

लेकिन देर रात को 20 मंत्रियों की बैठक में एकदम उलट ही फ़ैसला हुआ.

इमेज कॉपीरइट AFP

वित्त मंत्री डी जयकुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "सारे मंत्री और पार्टी कैडर का ये निर्णय है कि कोई एक परिवार हमारी पार्टी को नियंत्रण में नहीं लेगा. इसमें दिनाकरण भी शामिल हैं. हमारे पास 122 विधायकों का समर्थन है."

जिस तरह ये निर्णय लिया गया है, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है.

लेकिन इसके बावजूद हर एक को पता है कि दिनाकरण को 20-25 विधायकों का समर्थन है. आने वाले दिनों में ये पता चलेगा कि इन विधायकों का मन कैसे बदलता है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)