सोनू ने सिर मुंडाया, मौलवी बोले- 'जूतों की माला भी पहनें'

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Image caption सोनू निगम पहले और सिर मुंडाने के बाद

धर्मस्थलों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर किए गए ट्वीट के बाद विवाद में फंसे बॉलीवुड गायक सोनू निगम ने कहा है कि उनकी मंशा किसी को ठेस पहुंचाने की नहीं थी लेकिन वो कट्टरपंथी लोगों का विरोध करते रहेंगे.

मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने ऐलान किया कि वो अपना सिर एक मुसलमान भाई से मुंडवा रहे हैं और फतवा देने वाले मौलवी 10 लाख रुपए तैयार रखें. इसके बाद उन्होंने अपने सिर के बाल शेव करा लिए.

लेकिन फतवा देने वाले मौलवी ने कहा कि उनकी शर्तें पूरी नहीं हुई हैं.

जबकि शेव करने वाले आलिम हाक़िम ने कहा है कि इनाम के पैसे उन्हें मिलने चाहिए और वो इसे दान कर देंगे.

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मैं मुसलमान नहीं फिर अज़ान से क्यों जगूं?'

असल में दो दिन पहले उनके ट्वीट के बाद पश्चिम बंगाल के एक मौलवी सैयद शाह आतिफ़ अली अल क़ादरी ने उनके बाल मुंडवाने वाले के लिए 10 लाख रुपये का इनाम रखा था.

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पत्रकारों से बातचीत में सोनू निगम ने कहा, "मैं धर्मनिरपेक्ष हूं और मेरी मंशा पैगम्बर की आलोचना करना नहीं था. मैं न हिंदूवादी हूँ और न मुस्लिम-परस्त..."

उन्होंने कहा, "मैंने मोहम्मद लिखा था, कुछ लोगों को कहना है कि मोहम्मद साहब क्यों नहीं कहा. ये अंग्रेजी भाषा की दिक्कत है. अंग्रेजी में मोहम्मद साहब नहीं आता, मोहम्मद ही आता है."

उनका कहना था कि 'जिस तरह किसी मुसलमान की भाषा में श्रीकृष्ण नहीं आता है उसी तरह मेरी भाषा में मोहम्मद साहब नहीं आ रहा है, मोहम्मद ही आ रहा है.'

मंदिर और गुरुद्वारा की बात भी तो कही थी: सोनू

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उन्होंने कहा कि 'लोग छोटे छोटे मुद्दों को तूल देकर बड़ा बना कर न समझने का आडंबर कब तक करेंगे और लोग बड़ी बात नहीं समझ पा रहे.'

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उन्होंने कहा कि वो ग़लत समय पर किसी भी धार्मिक आयोजन में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को जायज़ नहीं मानते और ये अपने विचार रखने की आज़ादी में यक़ीन रखते हैं.

उनका कहना था कि 'उन्होंने ट्वीट पर मंदिरों और गुरुद्वारे की भी बात कही थी लेकिन उस बात को छोड़ दिया गया.'

जब उनसे पूछा गया कि वो अपने सिर के बाल क्यों मुंडवा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि ये किसी प्रकार का विरोध नहीं है, इसको ऐसे नहीं पेश किया जाना चाहिए.

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Image caption सोनू निगम का वो ट्वीट जिस पर विवाद पैदा हुआ.

उन्होंन कहा कि 'ये मुहब्बत से हो रहा है, इसमें कोई विरोध नहीं है. मैं अपनी मर्जी से अपने मुसलमान भाई से कह रहा हूं कि मेरे बाल काटिए. अगर फतवे की ही बात को थोड़ा प्यार से करें तो बेहतर संदेश जाएगा.'

बॉलीवुड हेयरस्टाइलिस्ट आलिम हक़ीम ने पत्रकारों को बताया कि सोनू निगम ने केवल लाउडस्पीकर्स के बारे में बात कही थी और इससे किसी और तरह से नहीं लेना चाहिए.

उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया के ज़माने में हर किसी को अपनी बात रखने के हक़ है लेकिन कभी कभी लोग किसी भी बात से दुखी हो जाते हैं और उसे मुद्दा बना लेते हैं."

मौलाना ने कहा शर्तें पूरी नहीं हुईं

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सोनू निगम के सिर मुंडाने पर मौलवी सैयद शाह आतिफ़ अली अल क़ादरी ने कहा कि उनकी शर्तें पूरी नहीं हुई हैं.

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "जिन बातों को करने के लिए मैंने कहा था, सोनू निगम ने पूरी नहीं कीं. तीन बातों में से दो बातें अभी भी पूरी नहीं हुईं."

ईनाम के पैसे देने पर मौलवी ने कहा, "हम 10 लाख रुपये तभी देंगे, जब वो बाकी दो बातों पर भी अमल करेंगे. एक पुराने जूते की माला पहनना और पूरे देश में घूमना."

क़ादरी पश्चिम बंगाल माइनॉरिटी यूनाइटेड कांउसिल के उपाध्यक्ष हैं.

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