मदुरै: क्या हुआ जब बांध पर बिछाई गई थर्माकोल की चादर!

  • 22 अप्रैल 2017
वैहई बांध इमेज कॉपीरइट Rajkrrishnan R

तमिलनाडु के मदुरै में शनिवार को वैहई बांध के पानी कम होते पानी को बचाने के लिए सरकार ने एक योजना के तहत पानी में थर्माकोल की शीटों को जोड़कर पानी पर चादर की तरह फैला दिया.

लेकिन कुछ ही देर में तेज़ हवाओं के साथ सरकार की ये योजना पानी में टुकड़े- टुकड़े होकर बिखर गई.

मदुरै का वैहई बांध 71 फीट ऊंचा है, इसके पानी का इस्तेमाल मदुरै,डिंडुगल और आंडीपट्टी में सिंचाई और पीने के पानी के लिए किया जाता है.

पानी का जल स्तर तेजी से गिरने की वजह से सरकारी योजना के तहत पानी को थर्माकोल की शीटों को जोड़कर उसकी चादर से ढंका गया ताकि अधिक गर्मी में पानी वाष्प बनकर ना उड़े और पानी को बचाया जा सका.

जन कल्याण मंत्री और दो कलेक्टरों की मौजूदगी में ये योजना शुरू की गई, लेकिन थोड़ी ही देर में तेज़ हवाओं ने थर्माकोल की चादर को बिखेर दिया, और योजना लागू होने के चंद मिनटों बाद ही नाकाम हो गई.

10 हज़ार वर्ग किलोमीटर के इस बांध की इस योजना के लिए 10 लाख रुपए आवंटित किए गए थे.

इस योजना को बनाने वाले इंजीनीयर ने प्रोजेक्ट की नाकामी पर कोई भी टिप्पणी देने से मना कर दिया.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे